नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते में भी गतिरोध नहीं खत्म हो रहा है। गुरुवार को भी विपक्ष इस बात पर अड़ा रहा कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी पर चर्चा हो और 20 जुलाई के प्रदर्शन में हुई पुलिस कार्रवाई पर केंद्रीय गृह मंत्री संसद में जवाब दें। इसी बात को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजिजू के बीच बेहद तीखी बहस हुई।
असल में गुरुवार को कार्रवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने सभापति से गृह मंत्री अमित शाह को सदन में बुलाने के लिए आदेश देने की अपील की। इस पर रिजिजू ने आरोप लगाया कि खड़गे विपक्ष के नेता पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस पर नाराज होकर खड़गे ने कहा, ‘क्या अब मुझे रिजिजू से सीखना पड़ेगा। वे चेयरमैन के चेंबर में जाकर बोलते हैं कि रोज मैं ही यहां आकर बोलता हूं। अगर मैं नियम नहीं पढ़ूंगा तो क्या उनकी दी हुई चीजें पढ़ूं’?
खड़गे ने आगे कहा, ‘क्या बोलना है, कब बोलना है और कैसे बोलना है, यह तय करना मेरा अधिकार है। सत्ता पक्ष हमारे सांसदों का अपमान कर रहा है। मैं सिर्फ अमित शाह के संसद में आकर जवाब देने की मांग कर रहा हूं। इस सदन में जेटली जी ने खुद कहा था कि रुकावट लोकतंत्र का हिस्सा है’। खड़गे की नाराजगी पर रिजिजू ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष विपक्ष के नए सदस्यों को बोलने का मौका ही नहीं दे रहे हैं। एक ही मुद्दे पर बार बार बोलकर समय बरबाद कर रहे हैं’। रिजिजू ने आगे कहा, ‘पवन खेड़ा कांग्रेस के नए सांसद है। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर मैं सदन में उन्हें सम्मानित करना चाहता हूं। लेकिन दिक्कत यह है खेड़ा को अब तक वेलकम स्पीच देने तक का मौका नहीं मिला’।
बहरहाल, गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इससे पहले गुरुवार की सुबह सांसदों ने विजय चौक से संसद तक मार्च किया। सांसद बैनर लेकर पहुंचे थे, जिसमें अमित शाह से संसद में आने की अपील की गई थी। दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होते ही अमित शाह के बयान देने और चढ़ावा चोरी पर चर्चा कराने की मांग की गई। हंगामे की वजह से कई बार के स्थगन के बाद दोनों सदन शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गए।
