राहुल ने कहा, यूजीसी नेट के पेपर लीक हुआ

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नई दिल्ली। अभी नीट यूजी, यूपी पुलिस की भर्ती और महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा में पेपर लीक होने का विवाद थमा नहीं था कि एक और पेपर लीक होने की खबर आ रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी द्वारा आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट की परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके आरोप लगाया है कि सोशियोलॉजी का पेपर परीक्षा से पहले सवा दो लाख रुपए में बेचा गया। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में हरियाणा के एक वकील की खबर को अटैच किया है। गौरतलब है कि हरियाणा के वकील दीपक धनखड़ ने करीब एक सौ पेज की पीडीएफ जारी कर दावा किया है कि 28 और 29 जून की रात को सवाल लीक हुए थे।

वकील दीपक धनखड़ के मुताबिक जिन अभ्यर्थियों ने सौदा किया, उन्हें जो सवाल पहले से तैयार कराए गए थे, वही अगले दिन परीक्षा में पूछे गए। वकील ने छह जुलाई को एक ऑडियो संदेश भी जारी कर कहा है कि उन्हें पेपर लीक माफिया से जान का खतरा है, इसलिए वे अंडरग्राउंड हैं। हालांकि, अब तक उनकी ओर से इस मामले में पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए से सामने भी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी अभी तक नहीं है।

इस बीच बुधवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘पिछले सप्ताह हुई यूजीसी नेट परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। नीट पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि यूजीसी नेट परीक्षा से ठीक पहले एक सौ पन्नों की एक पीडीएफ प्रसारित हुई। यह पीडीएफ उस प्रश्न पत्र सेटिंग की है, जो सिर्फ एनटीए के पास उपलब्ध होती है। पीडीएफ के लगभग 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली पेपर से मेल खाते हैं’।

राहुल ने आगे लिखा, ‘वही प्रश्नपत्र सवा दो लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। इसी नेटवर्क ने सीएसआईआर नेट, एचटीईटी और एडीए जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया। नीट और नेट में बार बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती’। राहुल ने लिखा, ‘सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है। न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का एकमात्र औजार हमारी सम्मिलित आवाज है। देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा रिवोल्यूशन लाकर रहेगी’।


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