ईरान के सर्वोच्च नेता का पार्थिव शरीर इराक के नजफ लाया गया

Categorized as समाचार

अमेरिका और इजराइल के हमले में मारे गए ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का जनाजा बुधवार को इराक के नजफ शहर में हजारों शोकाकुल लोगों की मौजूदगी में उठाया गया। 

ईरान में खामेनेई के कई दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार को हुई थी।  इसके मद्देनजर प्राधिकारियों ने तेहरान में सड़कों, हवाई क्षेत्र और दैनिक गतिविधियों को बंद कर दिया था। 

खामेनेई का पार्थिव शरीर बाद में नजफ से कर्बला ले जाया जाएगा और फिर ईरान वापस लाया जाएगा। 

ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौते पर बातचीत खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने तक रोक दी गई है।  हालांकि, फारस की खाड़ी में मंगलवार और बुधवार को दोनों पक्षों की ओर से किए गए हमलों के कारण युद्ध को समाप्त करने के अंतरिम समझौते के टूटने का खतरा बढ़ गया है। 

अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमले होने के बाद बुधवार तड़के ईरान पर ‘‘जवाबी हमले’’ किए और ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी रद्द कर दिया।  ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद जबाव में बहरीन और कुवैत पर हमले किए।  इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमला किया था। 

Also Read : नवी मुंबई हवाई अड्डे से दवा आयात करने को मिली मंजूरी

खामेनेई का पार्थिव शरीर मंगलवार को इराक के उस शहर में लाया गया जिसे दुनिया भर के लाखों शिया मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहरों में से एक माना जाता है।  ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी नजफ पहुंचे।  इस दौरान कुछ लोग दिवंगत सर्वोच्च नेता की तस्वीरें लिए हुए थे जबकि अन्य लोग सड़कों पर मातम करते नजर आए। 

खामेनेई का पार्थिव शरीर एक ताबूत में रखा गया जिस पर ईरान का झंडा लिपटा था और इसे कांच से ढका गया।  शोकाकुल लोगों ने ईरान के झंडे के साथ-साथ शोक और बदले के प्रतीक लाल एवं काले झंडे भी लहराए। 

अंतिम संस्कार में शामिल जाफर जवाद ने कहा हम इराक के लोग दुश्मनों की आंखों की किरकिरी बने रहेंगे।  उनका (खामेनेई के पार्थिव शरीर का) हमारे बीच लाया जाना हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।  इंशा अल्लाह, हम उनके वफादार रहेंगे।  

नजफ में जनाजे की नमाज इमाम अली की दरगाह पर अदा की जाएगी।  नजफ के धार्मिक शिक्षण संस्थान के वरिष्ठ विद्वान मोहम्मद तकी अल-हकीम यह नमाज अदा कराएंगे। 

शिया मुसलमानों के लिए एक और पवित्र शहर कर्बला में इराक के शीर्ष शिया धार्मिक प्राधिकार के प्रतिनिधि अब्दुल महदी अल-कर्बलाई, इमाम हुसैन की दरगाह पर नमाज अदा कराएंगे। 

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

वंदे मातरम पर ‘इंडिया’ ब्लॉक में मतभेद

September 13, 2026

कांग्रेस पार्टी ने अचानक वंदे मातरम को बड़ा मुद्दा बना दिया है और इस पर टकराव पैदा कर रही है। यह अचानक हुआ इसलिए लग रहा है क्योंकि संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस इस पर अपनै स्टैंड स्पष्ट करने से बच रही थी। कांग्रेस के नेता इस बात से खुश थे कि जंतर मंतर…

केजरीवाल, पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता

September 13, 2026

भारत में राजनीति को जाति के स्टीरियोटाइप में देखा जाता है। जब भी किसी पार्टी के संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा होती है तो देखा जाता है कि उसमें जातीय समीकरण का कितना ध्यान रखा गया है। ऐसे की सरकार के मंत्रियों के चयन में भी सामाजिक, क्षेत्रीय संतुलन की बात होती है। हर जाति…

टकराव की राजनीति बढ़ा रहे हैं केजरीवाल

September 13, 2026

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दिनों पूरी तरह से पंजाब की राजनीति में लगे हैं। वे रैलियां और चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं और साथ साथ टिकट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में भी लगे हैं। राघव चड्ढा और उनसे भी ज्यादा संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने के बाद केजरीवाल पर…

धीरेंद्र शास्त्री ने भाजपा का नुकसान कर दिया

September 13, 2026

पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद बड़े धूमधड़ाके से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बंगाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार थी तो उनको राज्य में नहीं आने दिया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार बदल गई है और लोगों का मन बदलना चाहिए। सोचें, बंगाल में लोगों…

आर्थिक विकासः इतने बंटे हुए क्यों हैं अहसास!

September 13, 2026

लोग यह पूछने लगे हैं कि अगर तेज गति से आर्थिक वृद्धि दर्ज हो रही है, तो वह आम जिंदगी में महसूस क्यों नहीं हो रही है? आंकड़ों की साख का सवाल तो पुराना है, मगर ताजा बहस के क्रम में आम तजुर्बे के खिलाफ आए आंकड़ों पर सरल, लेकिन कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाए…

logo