बेंगलुरु में पत्थर की खदान में विशाल चट्टान गिरने से आठ श्रमिकों की मौत

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बेंगलुरु दक्षिण तालुक में बृहस्पतिवार को पत्थर की एक खदान में विशाल चट्टान गिरने से आठ श्रमिकों की मौत हो गई जिनमें अधिकांश बिहार के निवासी थे। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा तड़के बेंगलुरु शहर और बेंगलुरु दक्षिण जिले की सीमा पर स्थित मदापट्टन में हुआ।

उसने बताया कि सभी एक ‘स्टोन क्रशर’ पर दिहाड़ी मजदूरी करते थे। पुलिस ने बताया कि चट्टान के गिरने के बाद ये सभी उसके नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब मजदूर खदान में काम कर रहे थे। इस हादसे में घायल हुए लोगों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदापट्टन में सात मजदूरों की मौत की घटना अत्यंत दुखद है। खदान में कार्य करने वाले श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा करना खदान मालिकों का कर्तव्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार उचित कार्रवाई करेगी।

यशवंतपुर के विधायक एस.टी. सोमशेखर के अनुसार, आठवें श्रमिक ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले कई वर्षों से इस ‘‘अवैध खनन’’ के संबंध में शिकायत कर रहे हैं और उन्होंने कर्नाटक विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था।

सोमशेखर ने कहा कि कुछ समय पहले खदान मालिकों द्वारा किए गए विस्फोट के कारण एक तेंदुए की भी मौत हो गई थी।

विधायक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन अवैध गतिविधियों में पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जिन पर मामला दर्ज कर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। आठ लोगों की मौत एक गंभीर मामला है।

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उस जगह पर काम करने वाले लोगों के अनुसार, मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की हालत नाजुक है। उन्होंने आशंका जताई कि कई घायल अपंग हो सकते हैं।

घायलों की सटीक संख्या की अभी पुष्टि की जा रही है। लेकिन शुरुआती सूचना में कई मजदूरों के घायल होने की बात सामने आई है।

चट्टान गिरने की घटना के बाद बचाव दल और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा राहत कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है।

घटनास्थल पर मौजूद एक श्रमिक ने बताया कि वहां बिहार और उत्तरी कर्नाटक के लगभग 18 कर्मचारी काम कर रहे थे। तभी करीब 40 फुट की ऊंचाई से एक विशाल चट्टान श्रमिकों पर आ गिरी।

दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है वहां मौजूद वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गए और एक ट्रैक्टर के पुर्जे-पुर्जे बिखर गए।

यह जानकारी मिली है कि मृतकों में अधिकांश बिहार के निवासी थे और उनके परिवारों को सूचित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों और घायलों के परिजनों तथा परिचितों की चीख-पुकार और विलाप से पूरे इलाके में मातम छा गया।

पुलिस ने बताया कि चट्टान गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या खदान में कोई लापरवाही बरती गई थी या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया था।

Pic Credit : ANI


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