राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में चंपत राय का बयान दर्ज, जांच जारी

Categorized as समाचार

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यह घटनाक्रम उस समय हुआ है, जब कुछ दिन पहले चंपत राय ने इस विवाद की ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए पद छोड़ने की पेशकश की थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से पुष्टि की कि चंपत राय का बयान दर्ज किया गया है, लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि उनसे कब, कहां और कितनी देर तक पूछताछ की गई।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हां, उनका बयान दर्ज किया गया है।’’

पुलिस अधिकारी ने हालांकि इससे अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने कारसेवकपुरम स्थित चंपत राय के ‘भारत कुटी’ आवास पर जाकर उनका बयान दर्ज किया।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने चंपत राय से चढ़ावे के कथित गबन से संबंधित जानकारी और दस्तावेज मांगे। ऐसा माना जाता है कि राजनीतिक विवाद बनने से पहले ही उन्हें इस कथित गड़बड़ी की जानकारी हो गई थी।

मीडिया में आई उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर, जिनमें दावा किया गया था कि चंपत राय ने कथित चोरी की जानकारी मिलने के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं कराना अपनी गलती माना है, एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। पूछताछ के दौरान क्या हुआ, यह गोपनीय है और इसे साझा नहीं किया जा सकता।’’

सूत्रों ने स्वीकार किया कि ट्रस्ट को सात जून से पहले ही चढ़ावे के कथित गबन की जानकारी हो गई थी। इसी दिन यह मामला पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया था।

चंपत राय के कुछ समर्थकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह ‘‘पूरी तरह निर्दोष’’ हैं और कथित गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल कार्रवाई की थी।

वे हालांकि यह नहीं स्पष्ट कर सके कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी 25 जून को ही क्यों दर्ज की गई, जबकि पांच जून को एक वायरल वीडियो सामने आया था जिसमें आरोपी अविनाश शुक्ला के घर से कथित रूप से दान की राशि से भरा बैग बरामद होने का दावा किया गया था।

यह विवाद सात जून को उस समय शुरू हुआ था, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दान की राशि के गबन का आरोप लगाया था। उस समय चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि दान प्रबंधन प्रणाली की आंतरिक जांच में ‘‘कोई उल्लेखनीय बात’’ सामने नहीं आई है।

Also Read : शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 250 अंक और टूटा

इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर के दान संग्रह और गणना से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के व्यापक रूप से उल्लंघन की बात सामने आई है। इनमें अनिवार्य सुरक्षा जांच का अभाव, निर्धारित अवधि तक सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित न रखना और दानपात्रों की चाबियों के रखरखाव में लापरवाही जैसी बातें शामिल हैं।

एसआईटी द्वारा 23 जून को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आठों आरोपी- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव मंदिर में प्राप्त नकद दान और कीमती सामान की गणना की प्रक्रिया से जुड़े थे।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक छह आरोपियों के पास से लगभग 80 लाख रुपये नकद और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में से एक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव चंपत राय का पूर्व चालक है। एसआईटी के अनुसार, उसके पास कई दानपात्रों की चाबियां थीं, जो निर्धारित एसओपी का उल्लंघन है।

इस बीच, सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को अदालत की अनुमति मिलने के बाद जिला कारागार में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से भी पूछताछ की।

जांच अधिकारी एवं अयोध्या के क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने न्यायिक अभिरक्षा में बंद शुक्ला से पूछताछ की अनुमति के लिए अदालत में आवेदन दिया था। अनुमति मिलने के बाद उन्होंने जेल जाकर आरोपी से कथित दान गबन मामले में पूछताछ की।

सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पांच जून को अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख रुपये बरामद किए थे।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जानने के लिए ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा चंपत राय से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी का मामला अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है। विपक्षी दल जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियां कथित गड़बड़ी के दायरे और प्राथमिकी दर्ज होने तक की घटनाओं के क्रम की जांच कर रही हैं।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

स्वराज्य प्राप्ति में गणपति उत्सव का योगदान

September 14, 2026

युगों युगों से गणेश उत्सव का आयोजन होता आ रहा है। उत्सव के प्रमाण हमें सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है। गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी। मराठा शासकों के दौर से उत्सव के इस क्रम को जारी…

logo