ट्रंप ने ईरान के साथ ड्राफ्ट डील पर ‘अंतिम फैसला’ टाला

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते पर अंतिम फैसला फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। 

शुक्रवार को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि यह बैठक लगभग दो घंटे चली। अधिकारी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा सिचुएशन रूम की बैठक खत्म हो गई है और यह लगभग दो घंटे तक चली। राष्ट्रपति ट्रंप केवल ऐसी डील करेंगे जो अमेरिका के लिए अच्छी हो और उनकी ‘रेडलाइन’ (सीमाओं) को पूरा करती हो। ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।

हालांकि, बैठक के बाद भी ट्रंप ने कोई अंतिम फैसला क्यों नहीं लिया, इसकी वजह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सकी।

इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान के साथ समझौते के लिए कुछ प्रमुख शर्तें रखी थीं। उन्होंने कहा था कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेंगे।

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ट्रंप की मुख्य मांगों में ईरान के संवर्धित (एनरिच्ड) परमाणु पदार्थों को खत्म करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के पूरी तरह खोलना और समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाना शामिल है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान को यह वचन देना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या परमाणु बम नहीं बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत सभी जहाजों के लिए बिना किसी शुल्क के दोनों दिशाओं में खोला जाना चाहिए। यदि समुद्र में कहीं बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं तो उन्हें भी हटाया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा लगाया गया नौसैनिक प्रतिबंध अब हटा लिया जाएगा।

ट्रंप के अनुसार, ईरान के संवर्धित परमाणु पदार्थ, जिन्हें उन्होंने “न्यूक्लियर डस्ट” कहा, अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सहयोग से जमीन के भीतर से निकाले जाएंगे और नष्ट कर दिए जाएंगे। उनका दावा है कि ये सामग्री पिछले वर्ष जून में हुई अमेरिकी बमबारी के बाद गहराई में दब गई थी।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने शुक्रवार को सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि फिलहाल चल रही वार्ताएं सीमित दायरे की हैं और इनमें परमाणु मुद्दा शामिल नहीं है।

Pic Credit : ANI


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