शाह ने दिया चर्चा का जवाब

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नई दिल्ली। संविधान के 131वें संशोधन विधेयक पर दो दिन तक हुई चर्चा के बाद शुक्रवार की शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने  महिला आरक्षण को लेकर अब तक हुई राजनीति का ब्योरा दिया और बताया कि कब कब बिल पेश किया गया और कैसे उसे पास नहीं होने दिया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने सहयोगी दलों से विरोध करा कर हर बार बिल को पास होने से रोका।

अमित शाह ने अपने भाषण में यह भी बताया कि भाजपा ने महिलाओं के लिए कितना काम किया है। शाह ने अपने भाषण में राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि सदन में उनका आचरण अगंभीर होता है। विपक्ष को निशाना बनाते हुए शाह ने कहा, ‘विपक्ष ने अच्छा बुरा सोचे बिना मोदी जी जो करे रहे हैं, उसका विरोध करने की ठान ली है। देश की माताओं बहनों के लिए आरक्षण आ रहा है तो लग रहा था विरोध नहीं होगा। लेकिन हो रहा है’। उन्होंने कहा, ‘मैंने अभी बताया कि 2023 में सर्वसम्मति से ये बिल पारित हुआ लेकिन आज कांग्रेस पीछे हट रही है। इसके दो ही कारण हैं, क्योंकि बिल मोदी जी ला रहे हैं और क्रेडिट उन्हें मिलेगा। मोदी जी ने उन्हें एड देकर क्रेडिट देने का कह दिया फिर भी ये नहीं मान रहे हैं’।

अमित शाह ने विपक्ष से कहा, ‘चुनाव में जहां जहां जाओगे, महिलाओं का आक्रोश फेस करना पड़ेगा’। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ने कभी महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं किया। शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार में उन्हें समर्थन देने वाली पार्टियों ने बिल का विरोध किया। कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा, ‘2023 में मोदी जी विधेयक लाए। उनको पता था 2024 में चुनाव है कांग्रेस विरोध नहीं कर पाएगी। तब नारी शक्ति वंदन एक्ट पारित हुआ। लेकिन लागू कराने में आए तो फिर से विरोध कर रहे हैं, देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी’।

राहुल पर हमला करते हुए शाह ने कहा, ‘संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं। फ्लाइंग किस करते हैं। आंख मारते हैं। सत्र छोड़कर विदेश चले जाते हैं। ये भाषाओं में तीव्रता से भावनाएं व्यक्त नहीं होती। प्रियंका से थोड़ा सीख लें कि सदन में कैसे बोलते हैं। मैं टीवी पर विपक्ष के नेता का भाषण सुन रहा था। आपकी जिम्मेदारी है कि सदन की गरिमा बनी रही। वे कहते हैं कायर हैं, सरेंडर कर रहे हैं। असंसदीय शब्दों की भरमार लग जाती है’।


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