राहुल के बयान पर विवाद

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन के लिए लाए गए विधेयक पर भाषण के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर खूब विवाद हुआ। उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर हमला किया। राहुल ने अपने भाषण में सरकार के लाए तीनों विधेयकों का विरोध किया और कहा कि ‘यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को कमजोर बनाएगा। यह शर्मनाक कानून है, पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे। यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है’।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी का नाम लिए बिना कहा, ‘बालाकोट, नोटबंदी, सिंदूर का जादूगर पकड़ा गया’। उनके इस बयान पर एनडीए सांसदों ने विरोध किया। बाद में बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल के बयान का विरोध किया। उन्होंने कहा कि राहुल असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने राहुल और कांग्रेस पार्टी को आरक्षण का विरोधी बताया।

एनडीए सांसदों के विरोध के बाद स्पीकर ओम बिरला ने राहुल के विवादित शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘राहुल के भाषण से हमें आपत्ति नहीं है। वह कहते हैं कि आपॅरेशन सिंदूर एक जादू था, उसका मजाक बना रहे हैं। उसको जादू कहते हैं’। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल को नसीहत देते हुए कहा, ‘हम भी कह रहे हैं भाषण नियम के तहत दीजिए। बार बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत। पीएम आपका और मेरा नहीं है’।

इसके बाद राहुल ने फिर बोलना शुरु किया। उन्होंने कहा, ‘भाजपा जानती है कि यह बिल पास नहीं हो सकता। वे इतने बेवकूफ नहीं है वे जानते हैं। इसलिए उन्होंने चुनावी नक्शा बदलने के लिए महिला आरक्षण का सहारा लिया। सच यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। सिंदूर, नोटबंदी का जादूगर पकड़ा गया है। आप डरते हो कि देश की राजनीति में क्या हो रहा है। आपकी पॉवर कम होती जा रही है। इसलिए चुनावी नक्शा बदलना चाह रहे हो जैसा कि असम में किया, लेकिन हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे। पूरा विपक्ष इसे हरा कर रहेगा’।


Previous News Next News

More News

भाजपा के सहयोगियों को चिंता

June 14, 2026

भारतीय जनता पार्टी की कई सहयोगी पार्टियां इन दिनों चिंता में बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली जीत और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में हो रही टूट फूट से उनकी चिंता बढ़ी है। असल में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की कई सहयोगी पार्टियों…

नवीन पटनायक से सीखें ममता

June 14, 2026

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से ममता बनर्जी को सीखना चाहिए। 79 साल के नवीन पटनायक नए सिरे से शक्ति संचित कर रहे हैं और अपनी पार्टी को बचाने के साथ साथ उसे राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2024 के चुनाव के बाद उनकी पार्टी में…

केसीआर का दांव आजमाएंगे केजरीवाल

June 14, 2026

ऐसा लग रहा है कि अरविंद केजरीवाल चौंकाने वाला कोई फैसला कर सकते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे पंजाब में समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। ध्यान रहे पंजाब में अगले साल मार्च में चुनाव होने वाला है। बताया जा रहा है कि केजरीवाल उससे पहले नवंबर में चुनाव कराना चाहते…

नीति आयोग की बैठक में पहुंचे सभी सीएम

June 14, 2026

केंद्र में पहली बार सरकार बनाने के बाद ही नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग का नाम बदल कर नीति आयोग किया था। उसके बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि नीति आयोग की गवर्निंग कौंसिल की बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। इससे पहले हर बार दो या तीन मुख्यमंत्री बैठक में…

विनाश से विकास की ओर बंगाल

June 14, 2026

असल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के अंदर बेचैनी पहले से थी वे छटपटा रहे थे और निकलने को बेचैन थे। लेकिन दूसरी कोई संभावना उनको नहीं दिख रही थी इसलिए वे मन मार कर ममता बनर्जी के साथ थे। जैसे ही उन्हें सुवेंदु अधिकारी के रूप में दूसरी संभावना दिखी उन्होंने खुले मन से…

logo