ईरान ने यूएस का बड़ा नुकसान किया

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नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल के हमले के आठवें दिन भी ईरान मैदान में डटा हुआ है और उसने अमेरिका के सैन्य ठिकाने पर हमला करके उसे बड़ा नुकसान किया है। जंग के आठवें दिन खबर आई कि ईरान ने पिछले एक हफ्ते में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस यानी थाड सिस्टम को निशाना बनाया है। खबरों के मुताबिक इन हमलों में जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे थाड का रडार सिस्टम तबाह हो गया है। एक थाड सिस्टम की कीमत 22 हजार करोड़ रुपए तक होती है, जबकि इसके रडार सिस्टम की कीमत ढाई हजार करोड़ रुपए से ज्यादा होती है।

जंग के आठवें दिन शनिवार को ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने समुद्र में एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया। ईरान के मुताबिक जिस जहाज को निशाना बनाया गया उसका नाम लुईस पी है और यह अमेरिका से जुड़ा हुआ है। यह जहाज मार्शल आइलैंड के झंडे के तहत चल रहा था। फारस की खाड़ी में ईरान ने इसके ऊपर हमला किया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में जहाज को कितना नुकसान हुआ।

इस बीच एक खबर यह है कि ईरान अब खाड़ी के देशों पर हमले से बचना चाह रहा है। इसका कारण यह है कि ईरान के पास मिसाइल तेजी से खत्म हो रहे हैं। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, आईआरजीसी ने कहा है कि वह पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान करती है और उनके खिलाफ कोई हमला नहीं किया गया है। यह बयान ईरान के राष्ट्रपति के बयान के बाद आया है। उन्होंने कहा था कि ईरान पड़ोसी देशों पर हमले रोक सकता है, अगर वहां से ईरान पर हमला न हो।

उधर अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट में ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ईरान, अमेरिका के नए ठिकानों को निशाना बनाने पर विचार कर रहा है। असल में अमेरिका ने ईरान पर बड़ा हमला करने की धमकी दी है। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बहुत बड़ा हमला करके की धमकी दी, जिसके बाद ईरान भी नई योजना पर विचार कर रहा है। ईरान के अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि उनका देश अब अमेरिका के उन ठिकानों और सैन्य बलों की पहचान कर रहा है, जो अभी तक उसकी टारगेट लिस्ट में नहीं हैं।

बहरहाल, ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में अब तक 14 सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जंग शुरू होने के बाद से अब तक 1,765 घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। ईरान में घायलों की संख्या भी हजारों में है।


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