नई दिल्ली। ईरान में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। 18 दिन से चल रहे जन विद्रोह में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार को एक दिन में तीन सौ शवों को दफनाया गया। कहा जा रहा है कि मरने वालों की संख्या ढाई हजार से ज्यादा हो गई है। हालांकि ब्रिटेन की एक वेबसाइट का दावा है कि 12 हजार लोगों की मौत हुई है। इस बीच भारत ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए बुधवार को भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की।
भारत सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जो भी भारतीय नागरिक, चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यापारी हों या पर्यटक, इस समय ईरान में हैं, उन्हें जल्दी से जल्दी वहां से निकल जाना चाहिए। इससे पहले पांच जनवरी को भी भारत सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है। बुधवार को जारी एडवाइजरी उसके आगे की कड़ी है और ईरान की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए दी गई है।
सरकार ने अपनी एडवाइजरी में यह भी दोहराया है कि सभी भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहना चाहिए। उनसे कहा गया है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर रखें ताकि हर नई जानकारी उनको मिलती रहे।
इस बीच खबर आई कि ईरान में बुधवार शाम तीन सौ शवों को दफनाया गया। इसमें प्रदर्शनकारियों के साथ सुरक्षा बलों के शव भी शामिल हैं। मारे गए लोगों को दफनाने का काम कड़ी सुरक्षा के बीच होने की खबर है। ईरान में 18 दिन से चल रहे प्रदर्शन पर नजर रखने वाली अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि अब तक ढाई हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 24 सौ प्रदर्शनकारी और डेढ़ सौ के करीब सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं। गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लोगों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है और कहा है कि उनको मदद मिलेगी। रजा पहलवी भी लगातार लोगों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील कर रहे हैं। दूसरी ओर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनाई के समर्थकों का भी प्रदर्शन हो रहा है।
उधर ईरान में 26 साल के प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को फांसी दिए जाने की खबर है। सुलतानी को आठ जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और 11 जनवरी को मौत की सजा सुनाई गई। उन पर हिंसा भड़काने और ‘ईश्वर के खिलाफ जंग छेड़ने’ जैसा आरोप लगाया गया। इस मामले में आगे कोई ट्रायल नहीं होगा, परिवार को सिर्फ 10 मिनट के लिए आखिरी मुलाकात का मौका मिलेगा।
