नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले राहुल गांधी की ओर से दिए गए बयान से शुरू हुआ विवाद पुतिन की वापसी तक जारी रहा। शुक्रवार को राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से राजकीय भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें संसद के दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष यानी मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को नहीं बुलाया गया। गौरतलब है कि गुरुवार को राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्ष के नेता से नहीं मिलने दे रही है।
शुक्रवार को राजकीय भोज में खड़गे और राहुल गांधी को नहीं बुलाने का विवाद इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि सरकार की ओर से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर को इसमें बुलाया गया। नयोता मिलने के बारे में पूछे जाने पर शशि थरूर ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि निमंत्रण किस आधार पर दिए जाते हैं, लेकिन मैं इस कार्यक्रम में जरूर जाऊंगा। हालांकि, विपक्ष के नेताओं को नहीं बुलाना ठीक बात नहीं है’। बताया जा रहा है कि संसद में विदेश मामलों की समिति का अध्यक्ष होने के नाते शशि थरूर को बुलाया गया। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से थरूर कांग्रेस से अलग राय प्रस्तुत कर रहे हैं और सरकार का समर्थन कर रहे हैं।
