नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा। इससे पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सरकार की ओर से कहा गया कि वह हर मसले पर खुले दिल से चर्चा के लिए तैयार है। सरकार की बुलाई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष की सभी पार्टियों के नेता शामिल हुए। सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बैठक में शामिल हुए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने कहा, ‘हम विपक्षी पार्टियों की बात सुनेंगे। यह विंटर सेशन है, हम उम्मीद करते हैं कि सब लोग ठंडे दिमाग से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे’। उन्होंने आगे कहा, ‘पार्लियामेंट में एक सार्थक चर्चा होगी, कोई डिस्टर्बेंस नहीं होगा। अगर हम ठंडे दिमाग से काम करेंगे, तो यह देश के लिए फायदेमंद होगा और पार्लियामेंट सेशन आसानी से चलेगा’।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा, ‘मैं यह नहीं कह सकता कि हम चर्चा के लिए कौन से मुद्दे लाएंगे। इलेक्शन कमीशन अपना काम करता है। मैं चुनाव आयोग का प्रवक्ता नहीं हूं’। उधर विपक्षी पार्टियां एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि वे पहले दिन से एसआईआर का मुद्दा उठाएंगी। विपक्ष एसआईआर में काम के अध्यधिक दबाव के कारण बूथ लेवल अधिकारियों की मौत का मुद्दा लगातार उठा रहा है।
बहरहाल, संसद का शीतकालीन सत्र एक से 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिन में पूरे सत्र के दौरान 15 बैठकें होंगी। इसमें एटॉमिक एनर्जी बिल सहित करीब 10 नए विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। इसमें हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी शामिल है। इसके अलावा नेशनल हाईवे संशोधन बिल पेश होगा, जिसमें भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव है। सरकार कॉरपोरेट लॉ संशोधन बिल, 2025 भी लाएगी। इससे कारोबर को सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।
