बेंगलुरू। कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक का संकट फिलहाल सुलझा लिया है। कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सुबह के नाश्ते पर मुलाकात की और गिले शिकवे दूर किए। नाश्ते के बाद दोनों ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें सिद्धारमैया ने कहा कि दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं है, जबकि शिवकुमार ने कहा कि पार्टी आलाकमान जो कहेगा उसका पालन दोनों करेंगे। हालांकि दोनों इस बात पर सहमत हुए कि कर्नाटक के विकास के लिए साथ मिल कर काम करना है।
गौरतलब है कि इससे पहले दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। शिवकुमार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि एक ‘सीक्रेट डील’ हुई थी और वे उस डील को लागू करने की मांग कर रहे थे। विवाद बढ़ने पर खबर आई थी कि 29 नवंबर को कांग्रेस आलाकमान के साथ दोनों नेताओं की मुलाकात हो सकती है। लेकिन बाद में तय हुआ कि दोनों नेता एक साथ बैठ कर आपस में मामला निपटाएं। इसके बाद शनिवार सुबह सवा 10 बजे सिद्धारमैया और शिवकुमार ने साथ में नाश्ता किया। इसके एक घंटे बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, ‘हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और न ही भविष्य में होगा। हम साथ में मिलकर काम करेंगे’। दूसरी ओर डीके शिवकुमार ने कहा, ‘हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसका पालन करेंगे और कोई ग्रुप नहीं है। मैं मुख्यमंत्री के साथ हूं, कर्नाटक के विकास को प्राथमिकता देंगे’। गौरतलब है कि 20 नवंबर को कर्नाटक सरकार के ढाई साल पूरे हुए हैं। उसके बाद से शिवकुमार खेमा दावा कर रहा था कि ढाई साल बाद उनको मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया था।
बहरहाल, शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धआरमैया ने कहा, ‘बीजेपी और जेडीएस को झूठे आरोप लगाने की आदत है। बीजेपी और जेडीएस ने बयान दिया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव मोशन लाएंगे। उनके पास सिर्फ 60 सीटें हैं। वे हमारी संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते। हमारे पास 140 हैं। यह एक बेकार की कोशिश है। हम उनके झूठे आरोपों का सामना करेंगे’।
उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, ‘आप सभी के सपोर्ट से हम कांग्रेस सरकार लाए हैं और हम अपने वादे के मुताबिक काम कर रहे हैं। राज्य के लोग अपना पूरा सपोर्ट दे रहे हैं। हमें उनकी इच्छाएं पूरी करनी हैं। हम उस दिशा में काम कर रहे हैं’। उन्होंने आगे कहा, ‘सीएम ने जो भी कहा, मैं सीएम के साथ हूं। जहां तक लीडरशिप के मामले की बात है, हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानते हैं। वे जो भी कहते हैं, वह हमारा फैसला है। हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं। हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है। लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार दोहराएंगे’।
