पटना। अपनी पार्टी राजद विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब तेजस्वी यादव विपक्षी महागठबंधन के भी नेता चुन लिए गए हैँ। इसके लिए शनिवार को तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर सभी विपक्षी पार्टियों के विधायकों की बैठक, जिसमें सभी घटक दलों के नेताओं ने उनके नाम पर सहमति जताई। बैठक में विधानमंडल सत्र के दौरान महागठबंधन की रणनीति पर चर्चा हुई। गौरतलब है कि सरकार ने एक सितंबर से विधानमंडल का सत्र आहूत किया। इसमें नए चुने गए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और स्पीकर का चुनाव होगा।
सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी पार्टियों की बैठक में तय किया गया कि जनहित के मुद्दों पर आक्रामक रुख अख्तियार किया जाएगा। इसमें देश और राज्य हित में सकारात्मक रणनीति पर सहमति बनी। बैठक में राजद के साथ कांग्रेस, वाममंथी पार्टियां और आईआईपी के नेता शामिल हुए। कांग्रेस की ओर से विधान पार्षद समीर सिंह ने रचनात्मक सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि महागठबंधन की एकता के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध है।
विपक्षी पार्टियों की बैठक में तय किया गया हार के कारणों पर पश्चाताप के बजाय भविष्य की चिंता करनी चाहिए। पार्टियों ने कहा कि संख्या बल में सत्ता पक्ष इस बार बहुत ही भारी है, इसलिए महागठबंधन को हमेशा एकजुट रहना है। यह भी तय किया गया कि जनहित के मुद्दों से कोई समझौता नहीं होगा। अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख बनाए रखना है।
