नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 नेताओं के 20वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका की तीन दिन की यात्रा पर जाएंगे। यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला लगातार चौथा जी-20 शिखर सम्मेलन होगा, जो 22–23 नवंबर को आयोजित किया जाएगा।
इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-20 एजेंडे पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। प्रधानमंत्री के सम्मेलन के सभी तीन सत्रों में संबोधन की उम्मीद है। पहला सत्र होगा — समावेशी और सतत आर्थिक विकास, जिसमें कोई पीछे न छूटे; हमारी अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण; व्यापार की भूमिका; विकास के लिए वित्तपोषण और ऋण भार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
दूसरा सत्र — एक लचीला विश्व: जी-20 का योगदान — जिसमें आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु परिवर्तन, न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन और खाद्य प्रणालियों पर चर्चा होगी। तीसरा सत्र — सभी के लिए एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण भविष्य — जिसमें महत्वपूर्ण खनिज, सभ्य कार्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रमुख विषय होंगे।
जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री के जोहान्सबर्ग में उपस्थित कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी संभावना है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका द्वारा आयोजित भारत–ब्राजील–दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) नेताओं की बैठक में भी भाग लेंगे।
