बिहार में भाजपा की बड़ी कार्रवाई, आरके सिंह समेत तीन नेताओं को पार्टी से निकाला

Categorized as समाचार

बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह समेत तीन नेताओं को पार्टी से निकाला है। यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए की गई। 

भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह पर एक्शन लेते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित किया है। कटिहार की मेयर ऊषा अग्रवाल और एमएलसी अशोक अग्रवाल के खिलाफ भी पार्टी ने कार्रवाई की है।

भाजपा ने आधिकारिक आदेश में कहा है आपकी गतिविधियां पार्टी के विरोध में हैं। ये अनुशासन के दायरे में आता है। पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है। इससे पार्टी को नुकसान हुआ है। 

आखिरकार निर्देशानुसार आपको पार्टी से निलंबित करते हुए कारण-पृच्छा किया जा रहा है कि आपको पार्टी से क्यों नहीं निष्कासित किया जाए? अतः पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अंदर आप अपनी स्थिति स्पष्ट करें। बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बागी नेताओं पर भाजपा का यह पहला एक्शन है।

Also Read : एक्ट्रेस कामिनी कौशल का 98 साल की उम्र में निधन

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बीच आरके सिंह ने बगावती तेवर दिखाए। वे कई मौकों पर भाजपा के नेताओं के विरोध में खड़े हुए और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। आरके सिंह ने एनडीए के ताकतवर नेताओं के खिलाफ जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर के आरोपों का भी खुलकर समर्थन किया था।

सितंबर में सभा के दौरान आरके सिंह ने एक बयान में कहा था मैं बिहार का गृह सचिव भी रह चुका हूं। मेरे पास सबका हिसाब है। अगर कोई चू-चपड़ करेगा, तो सबकी बखिया उधेड़ देंगे। बिहार के लोग भ्रष्ट लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। भ्रष्ट और चरित्रहीन नेता धरती पर बोझ हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भी मुखर रहे। उन्होंने खासकर बिहार में शराबबंदी खत्म करने की वकालत की।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

नीतीश किसको नेता चुनेंगे?

April 22, 2026

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रिटायर नहीं हो रहे हैं। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री पद से हटा कर राज्यसभा भेजने का कदम उनको संन्यास पर रवाना करने वाला साबित होगा। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उनके आसपास की जो टीम उनके मुख्यमंत्री रहते सत्ता का सुख ले रही थी वह अब…

केजरीवाल और स्टालिन एक साथ

April 22, 2026

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की जो भी रिपोर्ट आ रही है उसमें कहा जा रहा है कि तमिलनाडु और उससे सटे केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा विरोधी गठबंधन में कमजोर कड़ी कांग्रेस है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से ठीक पहले सर्वे करने वाली एजेंसियों ने जो डाटा इकट्ठा किया है उसके मुताबिक तमिलनाडु में डीएमके…

बंगाल में आखिर लाखों लोग छूट गए

April 22, 2026

पश्चिम बंगाल में सब कुछ अभूतपूर्व हो रहा है। पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान के लिए प्रचार समाप्त होने और साइलेंट पीरियड शुरू होने तक मतदाता सूची में नाम जोड़े गए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि तार्किक विसंगति के आधार पर जिन 27 लाख लोगों के नाम कटे हैं उनके नाम जैसे…

झारखंड की तरह बंगाल भी डुबाएंगे हिमंता

April 22, 2026

असम के चुनाव के बाद वहां के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। वे स्टार प्रचारकों की सूची में हैं। झारखंड में तो वे सह प्रभारी थे। जिस तरह से उन्होंने झारखंड में घुसपैठ के बहाने मुस्लिम विरोध दिखाया उससे भाजपा को बहुत नुकसान…

वेदांता, टाटा, लेंसकार्ट सबकी एक दशा

April 22, 2026

भारत में हमेशा राजनीतिक लड़ाइयों की चर्चा होती है। पार्टियों के बीच कैसा मुकाबला चल रहा है और कहां चुनावी लड़ाई में कौन आगे है इससे सब परिचित होते हैं। लेकिन कॉरपोरेट वॉर की चर्चा होती ही नहीं है। होती भी है तो बड़े सतही स्तर पर होती है। मीडिया में भी इसकी चर्चा बहुत…

logo