रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय जर्मनी यात्रा आज से

Categorized as समाचार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत-जर्मनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से मंगलवार से जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे।  

इस यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और जर्मन सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

इन चर्चाओं का केंद्र बिंदु रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाना, सैन्य जुड़ाव का विस्तार करना और साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए अवसरों की खोज करना होगा।

इस यात्रा के दौरान दोनों रक्षा मंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप और संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए एक कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

यात्रा से पहले जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन समझौतों को रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

Also Read : सिविल सेवा दिवस पर पीएम मोदी बोले, राष्ट्रसेवा ही है विकसित भारत की नींव

यह दौरा चल रही रक्षा सहयोग पहलों की समीक्षा करने और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान करेगा।

राजनाथ सिंह द्वारा भारत की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप संयुक्त उद्यमों, प्रौद्योगिकी साझेदारियों और सह-उत्पादन परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए जर्मन रक्षा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की उम्मीद है।

पिछले सात वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री की जर्मनी की यह पहली यात्रा है, जो वर्तमान समय में इस सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है।

इससे पहले इस तरह की यात्रा निर्मला सीतारमण ने फरवरी 2019 में की थी। बोरिस पिस्टोरियस ने इससे पहले जून 2023 में भारत का दौरा किया था, जहां उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ व्यापक चर्चा की थी।

भारत और जर्मनी के बीच एक मजबूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।

हाल के वर्षों में, रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस रिश्ते का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जिसमें दोनों देश कई क्षेत्रों में जुड़ाव को गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

आगामी यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक गहरा करने और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि में सार्थक योगदान देने की उम्मीद है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

ईरान में इंटरनेट बंदी के 53 दिन, सरकार ‘टियर सिस्टम’ की कर रही व्यवस्था

April 21, 2026

ईरान में इंटरनेट बंदी के 53 दिन हो चुके हैं। संघर्ष से हुई तबाही के बाद पुनर्निर्माण का दौर जारी है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेट ब्लॉक्स के अनुसार, बाहरी दुनिया ईरान का संपर्क लगभग 1248 घंटों से टूटा पड़ा है। एक्स पर एक ग्राफिक के जरिए बताया कि सरकार ने इंटरनेट को पूरी तरह खोलने…

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय जर्मनी यात्रा आज से

April 21, 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत-जर्मनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से मंगलवार से जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे।   इस यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और जर्मन सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर…

सिविल सेवा दिवस पर पीएम मोदी बोले, राष्ट्रसेवा ही है विकसित भारत की नींव

April 21, 2026

सिविल सेवा दिवस के मौके पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दीं और उनके काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ एक औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि यह सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मौका है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

संकुचित मानसिकता के चलते विपक्ष महिला आरक्षण बिल में रोड़े अटका रहा : सीएम योगी

April 21, 2026

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक विपक्ष द्वारा खारिज किए जाने के विरोध में भाजपा की और से लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ भाजपा कार्यकर्ता और सीएम योगी आदित्यनाथ अपने आवास से निकलकर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ विधानसभा तक पैदल पहुंचे। करीब 1.75 किलोमीटर…

आदि शंकराचार्य की शिक्षाएं आज भी दुनिया को दे रही हैं मार्गदर्शन : पीएम मोदी

April 21, 2026

आदि शंकराचार्य जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य भारत के महान आध्यात्मिक गुरुओं में से एक थे, जिनका ज्ञान और उनकी शिक्षाएं हमें सत्य, करुणा और सामूहिक कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।  प्रधानमंत्री नरेंद्र…

logo