पहली पहल नाकाम हुई

Categorized as संपादकीय

सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की आरंभिक महत्त्वाकांक्षा बंद गली में पहुंच गई है। अतः अब नया रास्ता ढूंढना पड़ रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार ने डिजाइन लिंक्ड इनिशिएटिव (डीएलआई) के तहत स्टार्ट-अप कंपनियों को सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की पहल की थी। इसके तहत अपना डिजाइन तैयार करने वाली कंपनी को 15 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का एलान किया गया। 60 कंपनियों ने ये रकम पाने के लिए अर्जी दी। उनमें से 24 के आवेदन स्वीकार किए गए। मगर असल में सिर्फ पांच या छह कंपनियां चिप फैब्रिकेशन के ऑर्डर हासिल करने में कामयाब हुईं। इसे देखते हुए अब सरकार ने इस योजना का ढांचा बदलने की पहल की है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब भारतीय कंपनियों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करने की इजाजत दी जाएगी। शर्त सिर्फ यह है कि नए उद्यम में 51 फीसदी हिस्सेदारी भारतीय कंपनी की रखनी होगी। ये भारतीय कंपनी किसी भी आकार की हो सकती है। इस उद्यम को भारत सरकार प्रोत्साहन राशि का सीधा भुगतान नहीं करेगी, बल्कि उस कंपनी में इक्विटी खरीदेगी। तो इस परिवर्तन के साथ इस योजना का पूरा रूप ही बदल जाएगा। स्पष्टतः एमएसएमई सेक्टर के जरिए चिप निर्माण का ढांचा खड़ा करने की बात कहीं पीछे छूट जाएगी। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दिक्कत यह है कि उनके लिए भारत सिर्फ प्रतिभाओं का स्रोत और उत्पाद बिक्री का बाजार है।

ये बात गर्व से कही जाती है कि दुनिया के 20 फीसदी चिप डिजाइन इंजीनियर भारतीय हैं। मगर ये इंजीनियर असल में क्वालकॉम, इंटेल आदि जैसी कंपनियों के लिए काम करते हैं। नतीजतन, वे जो बौद्धिक संपदा निर्मित करते हैं, उनका स्वामित्व विदेशी कंपनी के पास होता है। अब वही कंपनियां किसी भारतीय कंपनी के साथ साझा उद्यम में आएंगी, तो उनकी निगाह भारतीय निवेश के साथ-साथ सस्ते भारतीय श्रम का लाभ उठाने तक सीमित रह सकती है। ऐसा सिर्फ तभी नहीं होगा, जब उन्हें अपनी तकनीक भारतीय कंपनी के साथ साझा करने को मजबूर किया जाए। वरना, भारत की महत्त्वाकांक्षाएं धरी रह जाएंगी, जैसाकि अब तक कई क्षेत्रों में होता आया है।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के सामने ईडी का खतरा

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती तो भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की है ही लेकिन एक बड़ी चुनौती प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की है। वह चुनौती कब और कहां से कांग्रेस को परेशान करने लगेगी यह पता नहीं चल पाता है। कांग्रेस के एक जानकार नेता ने कहा कि कई बार लगता है…

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

logo