मोदी ने उठाया मां का मुद्दा

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नई दिल्ली/पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मां को अपशब्द कहे जाने का मुद्दा मंगलवार को खुद उठाया। उन्होंने अपनी मां के अपमान को देश की सभी माताओं, बहनों का अपमान बताया। गौरतलब है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान दरभंगा में मंच से एक व्यक्ति ने मोदी को मां की गाली दी थी। इसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने चार सितंबर को आधे दिन के बिहार बंद का ऐलान किया है।

यह घटना 27 अगस्त की है। उसके सातवें दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सामने आकर गाली देने का जवाब दिया है। उन्होंने कहा, बिहार में कुछ दिन पहले जो कुछ हुआ उसकी मैंने कल्पना नहीं की थी। बिहार में कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं, ये देश की मां-बहन, बेटी का अपमान है। गौरतलब है कि बिहार में विधानसभा का चुनाव है, जहां भाजपा इसे बड़ा मुद्दा बनाना चाह रही है।

बहरहाल, प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस घटना की जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ मेरे बिहार के लोगों के दिल में भी है। मैं आपसे अपना दुख साझा कर रहा हूं, ताकि मैं इस पीड़ा को झेल पाऊं’। प्रधानमंत्री ने दिल्ली से बिहार की जनता को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही। वे बिहार राज्य जीविका निधि शाखा सहकारी संघ लिमिटेड की शुरुआत के कार्यक्रम में जुड़े थे।

अपने आधे घंटे से कुछ ज्यादा लंबे भाषण में पीएम ने कहा, ‘मैं गरीब परिवार से हूं। समाज और देश की सेवा में लगा हूं। मैंने हर दिन हर क्षण अपने देश के लिए, देशवासियों के लिए मेहनत की। इसमें मेरी मां का आशीर्वाद, मेरी मां की बहुत बड़ी भूमिका थी। मुझे जन्म देने वाली मां ने मुझे अपने दायित्वों से मुक्त कर दिया था’। मोदी ने थोड़ी देर तक बिहार के लोगों को भोजपुरी भाषा में मां की महिमा समझाई।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘ये शाही खानदानों में पैदा हुए युवराज इस पीड़ा को नहीं समझ सकते हैं। ये नामदार लोग सोने चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुए हैं’। मोदी ने विपक्ष की ओर से दी गई गालियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘गंदी नाली का कीड़ा, जहर वाला सांप, बिहार चुनाव में मुझे तू, तड़ाक कर के गाली देकर बोलते हैं। इनकी नामदार वाली सोच बार-बार उजागर होती है। इसी सोच से अब मेरी मां जिसका शरीर नहीं रहा। जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं। अपने मंच से गालियां दिलवा रहे हैं’।


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