युद्ध के मकड़जाल में?

Categorized as संपादकीय

खामेनई के उत्तराधिकारियों ने चंद घंटों के अंदर जिस तरह इजराइल के अंदर तथा विभिन्न खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य एवं अन्य ठिकानों को निशाना बनाया, उसका यही पैगाम है कि ईरान ने लंबी लड़ाई की तैयारी कर रखी है।

विडंबना ही है कि जिस सुबह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ ओमान के विदेश मंत्री बदर बिन हमद अल बुसेइदी ने जानकारी दी कि ईरान संवर्धित यूरेनियम के भंडार को खत्म करने और आगे संवर्धन ना करने पर राजी हो गया है, अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर साझा हमला बोल दिया। इसका एलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो कहा, उसका अर्थ यही था कि वे इतने से संतुष्ट नहीं है, बल्कि ईरान में सत्ता परिवर्तन उनका मकसद है, ताकि पश्चिम एशिया में आगे चल कर इजराइल को चुनौती दे सकने वाला कोई देश ना रहे। इस उद्देश्य में अमेरिका- इजराइल को आरंभिक सफलता भी मिली। उनके हमलों में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह खामेनई मारे गए।

लेकिन अब यह स्पष्ट है कि उससे तखता पलट का मकसद तुरंत हासिल होने नहीं हुआ है। ईरान के इस्लामी शासन ने उत्तराधिकार की कई स्तरों की व्यवस्था की हुई है, जिसमें आपातकालीन उत्तराधिकार भी शामिल है। खामेनई के उत्तराधिकारियों ने चंद घंटों के अंदर जिस तरह इजराइल के अंदर तथा विभिन्न खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य एवं अन्य ठिकानों को निशाना बनाया, उसका यही पैगाम है कि ईरान ने लंबी लड़ाई की तैयारी कर रखी है। कोरिया और वियतनाम युद्धों के बाद कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी शक्ति ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर इतने बेखौफ ढंग से हमले किए हों।

उधर पूरा पश्चिम एशिया लड़ाई के दायरे में आता दिख रहा है, जिससे क्षेत्रीय युद्ध के अंदेशे ने ठोस रूप ले लिया है। इसके बीच ‘छोटी और निर्णायक’ लड़ाई की डॉनल्ड ट्रंप की मंशा पूरी होने की संभावना कम ही है। तखता पलट के बिना आखिर क्या वो मकसद होगा, जिससे ट्रंप अपनी जीत का एलान कर सकें, यह उन्होंने स्पष्ट नहीं किया है। इस रणनीतिक अस्पष्टता के कारण युद्ध का लंबा खिंचा, तो उसकी आंच दुनिया भर तक पहुंचेगी। ईरान ने होरमुज खाड़ी और उसके सहयोगी यमन स्थित अंसारुल्लाह (हूती) ने लाल सागर को बंद करने का एलान किया है। इससे विश्व स्तर पर ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है। उसके गहरे वित्तीय एवं आर्थिक परिणामों की आशंका मंडराने  लगी है।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के सामने ईडी का खतरा

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती तो भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की है ही लेकिन एक बड़ी चुनौती प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की है। वह चुनौती कब और कहां से कांग्रेस को परेशान करने लगेगी यह पता नहीं चल पाता है। कांग्रेस के एक जानकार नेता ने कहा कि कई बार लगता है…

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

logo