निष्पक्ष पुष्टि जरूरी है

Categorized as संपादकीय

केरल के तमाम लोगों को चरम गरीबी से मुक्त करने के सरकारी दावे के निष्पक्ष परीक्षण की जरूरत बनी हुई है। अपेक्षित है कि राज्य सरकार इसके लिए संयुक्त राष्ट्र या विश्व बैंक जैसी किसी एजेंसी को आमंत्रित करे।

केरल सरकार अगले एक नवंबर को एक समारोह में एलान करेगी कि राज्य को चरम गरीबी से मुक्त कर दिया गया है। इस तरह ये उपलब्धि हासिल करने वाला केरल पहला राज्य बनेगा। बताया गया है कि 2021 में सत्ता मे वापसी के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की सरकार ने मौजूदा कार्यकाल में चरम गरीबी खत्म करने का संकल्प लिया था। इसे पूरा कर लिया गया है। इस क्रम में 64,006 परिवारों के 1,03,099 लोगों की पहचान चरम गरीब के रूप में की गई, जिनमें से सभी जीवित व्यक्तियों को इस कलंक से मुक्ति दिला दी गई है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 21,263 परिवारों को अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, 3,913 परिवारों को नए मकान दिए गए, 1,338 परिवारों को भूमि दी गई, 5,651 परिवारों को मकान मरम्मत के लिए दो-दो लाख रुपये मिले, और 3,822 परिवारों को आजीविका सहायता दी गई। ये आंकड़े प्रभावशाली हैं। यह काबिल-ए-तारीफ है कि केरल सरकार ने चरम गरीबी मापने के लिए सिर्फ प्रति दिन खर्च क्षमता जैसे विवादास्पद पैमाने को नहीं अपनाया। बल्कि इसके लिए खाद्य सुरक्षा, बुनियादी जरूरतों की पूर्ति के लिए स्थिर पर्याप्त आय, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, बुनियादी शिक्षा की प्राप्ति और सुरक्षित आवास की उपलब्धता को पैमाना बनाया गया। बहरहाल, इन कसौटियों पर राज्य के तमाम लोगों को चरम गरीबी से मुक्त करने के दावे के निष्पक्ष परीक्षण की जरूरत बनी हुई है।

जिस समय केरल सरकार ने यह लक्ष्य तय किया, चीन में चरम गरीबी खत्म किए जाने की चर्चा वैश्विक सुर्खियों में थी। तब भी लोगों के मन में कई सवाल थे। चीन के आंकड़ों पर मोटे तौर पर दुनिया ने तब भरोसा किया, जब उनकी पुष्टि संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक ने की। अब केरल में वैसा ही दावा किया गया है, तो अपेक्षित है कि केरल सरकार उपरोक्त एजेंसियों को अपने आंकड़ों की पुष्टि के लिए आमंत्रित करे। साथ ही केरल को उन चेतावनियों को भी ध्यान में रखना चाहिए, जिनके मुताबिक विपरीत परिस्थितियों में अनेक लोग फिर चरम गरीबी में लौट सकते हैँ। यानी निरंतर सतर्कता जरूरी है।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के अजब गजब उम्मीदवार

March 6, 2026

कांग्रेस पार्टी को इस बार राज्यसभा की एक सीट का फायदा हो रहा है। वह इसलिए हो रहा है क्योंकि एमके स्टालिन ने तमिलनाडु से एक सीट देने का फैसला किया। कांग्रेस पार्टी के नेता दिखावा करने के लिए पवन खेड़ा का नाम ले रहे थे। सबको पता था कि अगर तमिलनाडु से कांग्रेस को…

कबूतरी संचार की पुरानी व्यवस्था

March 6, 2026

ओडिशा पुलिस की यह सेवा अनूठी है। 1946 में, द्वितीय विश्व युद्ध के ठीक बाद, ओडिशा पुलिस ने इसे शुरू किया। सबसे पहले नक्सल प्रभावित कोरापुट जिले में प्रयोग किया गया। धीरे-धीरे यह 38 स्थानों (जिलों, सब-डिवीजनों, सर्कलों और पुलिस स्टेशनों) तक फैल गई। इस सेवा के चरम पर 19 ‘पिजन लॉफ्ट’ सक्रिय थे, जहां…

कैसा भूमंडलीकरण, कैसी विश्व व्यवस्था?

March 6, 2026

साफ दिखलाई दे रहा है कि भूमंडलीकरण इतिहास की अनिवार्य धारा नहीं है, बल्कि मानों एक ऐसी व्यवस्था जैसी है जो परिस्थितियों पर निर्भर है। और वह लगातार खतरे के नीचे खड़ी है। कोई भी समय कभी भी इस पूरी व्यवस्था को पटरी से नीचे उतार सकता है, जैसे इस समय भूमंडलाकरण के साथ वैश्विक…

बेहतर विदाई के हकदार थे नीतीश

March 6, 2026

बिहार में नीतीश कुमार युग का अंत हो गया है। इसमें कोई हैरानी या दुख की बात नहीं है। हर नेता का युग आता है और समाप्त होता है। बिहार में ही जैसे लालू प्रसाद का युग खत्म हुआ वैसे ही नीतीश का भी खत्म हुआ। फर्क इतना है कि लालू प्रसाद चुनाव हार कर…

नीतीश सीएम पद छोड़ेंगे

March 6, 2026

पटना। दो दशक के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने जा रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनके साथ मौजूद रहे। इससे पहले नीतीश कुमार ने एक लंबी पोस्ट लिख कर सोशल मीडिया में साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा…

logo