भारत के कोई सत्तारूढ़ पार्टी चुनाव इसलिए नहीं हारती कि कोई विकल्प आ खड़ा हुआ है। उसका पतन तब होता है, जब विश्वास खत्म हो जाता है। और लगभग चुपचाप विकल्प शक्ल पा जाता है। यही आज के चुनाव नतीजों का लबोलुआब है। सत्ता बहसबाजी से नहीं, भरोसे के खिसकने से हारती है। राजनीति चालबाज… Continue reading ममता ने भरोसा पहले गंवाया!
