यही तो उपलब्धियां हैं!

नागेश्वरन ने कहा कि आईपीओ को मूल निवेशकों ने संबंधित उद्यम से अपना पैसा निकालने का माध्यम बना लिया है। यानी बहुत से आईपीओ ऐसे हैं, जिनका मकसद पूंजी जुटा कर आगे निवेश करना या उद्यम को फैलाना नहीं है। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन की खूबी यह है वे अक्सर… Continue reading यही तो उपलब्धियां हैं!

भारत की बढ़ी मुश्किल

शेख हसीना के खिलाफ ट्रिब्यूनल के फैसले से बांग्लादेश में सियासी मेलमिलाप की संभावना और घट गई है। दूसरी तरफ इससे भारत की कठिनाइयां बढ़ी हैँ। देश छोड़ने के बाद से हसीना और तत्कालीन गृह मंत्री भारत में रह रहे हैं। जब किसी देश में सत्ता तंत्र में आमूल बदलाव आ जाता है, तो पूर्व… Continue reading भारत की बढ़ी मुश्किल

देश को कीमत बताइए

अपेक्षित यह है कि सरकार खाड़ी, पश्चिम एशिया और रूस जैसे स्रोतों से एलपीजी की खरीदारी पर आने वाली लागत और अमेरिका से खरीदारी पर आने वाले खर्च का तुलनात्मक विवरण सार्वजनिक करे। देशवासियों को यह जानने का हक है। अमेरिका से 22 लाख टन रसोई गैस खरीदने के लिए हुए सौदे को पेट्रोलियम मंत्री… Continue reading देश को कीमत बताइए

राष्ट्र-भक्ति बनाम मुनाफा

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान कॉरपोरेट अधिकारियों के साथ एक सेमीनार में शामिल हुए। वहां उन्होंने जो भाषण दिया, उससे रक्षा उत्पादन में कॉरपोरेट सेक्टर के प्रदर्शन पर सेना में बढ़ते असंतोष की झलक मिली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कॉरपोरेट सेक्टर से कहा है कि मुनाफा प्रेरित अपने… Continue reading राष्ट्र-भक्ति बनाम मुनाफा

आरक्षण और क्रीमी लेयर

पिछले साल दिए एक निर्णय में जस्टिस गवई ने कहा था कि अनुसूचित जाति- जनजातियों के क्रीमी लेयर को आरक्षण के लाभ से वंचित कर देना चाहिए। अब रिटायरमेंट से कुछ ही रोज पहले उन्होंने अपनी ये राय दोहराई है। प्रधान न्यायाधीश के जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा है कि अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण… Continue reading आरक्षण और क्रीमी लेयर

कीमत चुकाने का वक्त

पिछले वित्त वर्ष में जिस राज्य में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के नौ फीसदी से ज्यादा रहा हो और जहां बजट का 64 प्रतिशत हिस्सा फिक्स्ड मदों में जाता हो, वहां ये सवाल अहम है कि अतिरिक्त धन कहां से आएगा? बिहार में चुनाव से ठीक पहले करोड़ों मतदाताओं को नकदी ट्रांसफर करने (या करने का… Continue reading कीमत चुकाने का वक्त

नेट तटस्थता को चुनौती

इंटरनेट सेवा की तटस्थता के सिद्धांत को फिर चुनौती मिली है। देश की प्रमुख इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी रिलायंस जियो ने टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथरिटी ऑफ इंडिया से नेट न्यूट्रिलिटी से संबंधित प्रावधान को बदलने की मांग की है। नौ साल पहले नेट न्यूट्रलिटी का सवाल अहम होकर उभरा था। इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां चाहती थीं… Continue reading नेट तटस्थता को चुनौती

आपराधिक न्याय की धज्जियां

यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसा हुआ हो। इस मामले में बात सिर्फ यह है कि हमारी आपराधिक न्याय व्यवस्था मानव चेतना को आहत करने वाले एक कांड में भी दोषियों तक कानून के हाथ नहीं पहुंचा सकी। हृदयविदारक निठारी कांड का अभियुक्त सुरिंदर कोली सुप्रीम कोर्ट से बरी होकर जेल से बाहर आ… Continue reading आपराधिक न्याय की धज्जियां

जो अंदर की बात

ताजा ट्रेंड में एक गंभीर चिंता का पहलू छिपा है। लगातार पांच महीने से खुदरा खाद्य मुद्रास्फीति गिर रही है। इससे उद्योगिक उत्पादों की तुलना में खाद्य पदार्थ सस्ते हो रहे हैं। कृषि निर्भर आबादी के लिए यह चिंताजनक खबर है। अक्टूबर में मुद्रास्फीति की दर महज 0।25 प्रतिशत रही। 2012 में- जब उपभोक्ता मूल्य… Continue reading जो अंदर की बात

बिहार कल क्या कहेगा?

प्रशांत किशोर का दावा सही हुआ, तो अन्य राज्यों में भी राजनीति के नए उद्यमी प्रोत्साहित होंगे। उससे अभी जारी सियासी एकरसता टूटेगी। मगर एनडीए जीता, तो नकदी ट्रांसफर कर वोट “खरीदने” की कायम हो चुकी परिपाटी और आगे बढ़ेगी। बिहार विधानसभा के चुनाव में मतदान का रिकॉर्ड बना। वहां 66.91 प्रतिशत मतदान होना अपने-आप… Continue reading बिहार कल क्या कहेगा?

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