बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक कार्यक्रम में नीतीश कुमार द्वारा महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने पर सियासत तेज हो गई है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि वे हिजाब हटाने को पूरी तरह सही नहीं मानते, लेकिन आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए।
सांसद पप्पू यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए हिजाब हटाते समेत सीएम के भाव को लेकर कहा कि उन्होंने महिला से अपनी बेटी की तरह बात की। नीतीश कुमार के व्यवहार में पिता-पुत्री जैसा भाव दिखा। हां यह सच है कि हम हिजाब हटाने को पूरी तरह सही नहीं मानते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर आलोचना नेगेटिव ही हो। निश्चित रूप से हिजाब जबरदस्ती नहीं हटाया जाना चाहिए, लेकिन उनका नजरिया और रवैया एक पिता की तरह था।
पप्पू यादव ने कहा कि इस तरह किसी की आलोचना सही नहीं है। मेरा मानना है कि नीतीश कुमार का कोई गलत इरादा नहीं था। लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए, हर चीज को गलत तरीके से नहीं देखना चाहिए।
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मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी योजना किए जाने पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा, “हम समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसी सोच कैसे हो सकती है। गांधी के प्रति इतनी नफरत क्यों? गांधी की विचारधारा के प्रति इतनी नफरत क्यों? इतिहास इसे माफ नहीं करेगा, यह गलत है। मेरा मानना है कि जब सरकार बदलेगी, तो बदले गए सभी नाम वापस लेने चाहिए। इतिहास मिटाने के लिए इतने नाम बदले गए हैं।
उन्होंने कहा कि नया इतिहास लिखो। आप पुराना इतिहास कैसे मिटाना चाहते हैं? सरकार की सोच औपनिवेशिक और मनुस्मृति वाली है। उन्होंने पहले ही कदम उठा लिए हैं। भाजपा के लोग केवल नाम बदलने का ही काम कर रहे हैं, जबकि विकास के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है।
पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा के राज में कोई खुश नहीं है। जनता की समस्या दूर करने की कोई कोशिश नहीं हो रही है, बस ये लोग राजनीति के लिए नए-नए बहाने खोज लेते हैं और मेरा मानना है कि ये सब करना गलत है।
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