विदेशी निर्भरता हमारी सबसे बड़ी दुश्मन, भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा : पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को दोहराया है। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। 

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को गुजरात के भावनगर में आयोजित ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम तो भावनगर में हो रहा है, लेकिन ये कार्यक्रम पूरे हिंदुस्तान का है। पूरे भारत में समुद्र से समृद्धि की ओर जाने की हमारी दिशा क्या है, उसके लिए इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का केंद्र भावनगर को चुना गया है। इस दौरान, पीएम मोदी ने गुजरात और भावनगर के लोगों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत समुद्र को बहुत बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। यहां पोर्ट लेड डेवलपमेंट को गति देने के लिए हजारों करोड़ रुपए का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है।

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‘आत्मनिर्भर भारत’ का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है। दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। उन्होंने कहा, “सच्चे अर्थ में अगर हमारा कोई दुश्मन है तो वो है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता। यही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है और हमें मिलकर भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी बोले, “जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता होगी, उतनी ज्यादा देश की विफलता होगी। विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा।

इस दौरान, पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने भारत के हर सामर्थ्य को नजरअंदाज किया, इसलिए आजादी के 6-7 दशकों बाद भी भारत वो सफलता हासिल नहीं कर पाया, जिसके हम हकदार थे। लंबे समय तक कांग्रेस सरकार ने देश को लाइसेंस कोटा राज में उलझाए रखा। दुनिया के बाजार से अलग-थलग रखा। कांग्रेस सरकार की नीतियों ने देश के नौजवानों का बहुत नुकसान किया।

17 सितंबर को जन्मदिन के बाद पहली बार पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम में कहा, “आप सबने अपने नरेंद्र भाई को जो शुभकामनाएं भेजी हैं, देश और दुनिया से जो मुझे शुभकामनाएं मिली हैं, व्यक्तिगत तौर पर सबका धन्यवाद करना संभव नहीं है, लेकिन भारत के कोने-कोने से विश्वभर से ये जो प्यार मिला है, आशीर्वाद मिला है, ये मेरी बहुत बड़ी संपत्ति और बहुत बड़ी ताकत है। इसलिए मैं सार्वजनिक रूप से देश और दुनिया के सभी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

Pic Credit : ANI


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