कांग्रेस में तालमेल के लिए एक नेता की जरुरत

Categorized as राजनीति

कांग्रेस पार्टी में एक ऐसे नेता की जरुरत है, जो पार्टी के अंदर सभी नेताओं और प्रादेशिक क्षत्रपों के बीच समन्वय बना कर चले और साथ ही पार्टी के बाहर सहयोगी दलों के साथ भी तालमेल संभाले। अहमद पटेल के बाद से ही कांग्रेस को ऐसे नेता की जरुरत थी। राहुल गांधी ने केसी वेणुगोपाल को संगठन महासचिव बना कर पिछले कई साल से रखा हुआ है लेकिन वे इस जरुरत को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। यहां तक कि अपने राज्य केरल में भी वे तालमेल नहीं बना सके। केरल में हो सकता है कि कांग्रेस पार्टी जीत जाए लेकिन उससे पहले तमाम ओपिनियन पोल जो कांटे की टक्कर दिखा रहे हैं उसका कारण यह है कि पार्टी में बिखराव बहुत है। अंदरखाने घमासान छिड़ा है। सोचें, केसी वेणुगोपाल केरल से आते हैं और वहां भी वे तालमेल नहीं बनवा पाए।

केरल में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेतृत्व की है। एक तरफ सीपीएम की ओर से बिल्कुल स्पष्ट है कि उसकी जीत होगी तो पिनरायी विजयन फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से पांच लोगों की दावेदारी बताई जा रही है, जिनमें एक नाम खुद केसी वेणुगोपाल का है। सोचें, वे संगठन महासचिव हैं और केरल में सीएम पद के दावेदार भी हैं। हैरानी की बात यह है कि पार्टी या खुद वेणुगोपाल की ओर से इसका खंडन नहीं किया जा रहा है। यह बात फैलने दी गई कि वे सीएम बन सकते हैं। उनके अलावा रमेश चेन्निथला, वीडी सतीशन, शशि थरूर, मुरलीधरन जैसे नेता भी सीएम पद के दावेदार हैं। नेतृत्व स्पष्ट नहीं होने की वजह से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। पार्टी के अंदर यह सवाल उठ रहा है कि अगर केसी वेणुगोपाल अपना राज्य नहीं संभाल पा रहे हैं, वहां पार्टी के भीतर समन्वय नहीं बनवा पा रहे हैं तो पूरे देश में यह काम कैसे पर पाएंगे? यह सवाल बरसों से उठ रहा है लेकिन राहुल गांधी को कोई परवाह नहीं हैं। उन्होंने सब कुछ वेणुगोपाल के ऊपर छोड़ रखा है। चार मई के बाद क्या होता है यह देखने वाली बात होगी।

दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का सिस्टम भी बहुत प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहा है। उनके साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के चार सचिव समन्वय का काम देख रहे हैं। लेकिन नासिर हुसैन को कर्नाटक से बाहर मतलब नहीं है तो गुरदीप सप्पल प्रवक्ता की भूमिका में और भाजपा के नैरेटिव का प्रभावी तरीके से जवाब देने में ज्यादा अच्छा काम कर रहे हैं। ले देकर राजनीतिक भूमिका में प्रणव झा हैं। पहले कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष का एक राजनीतिक सचिव होता था, जो समन्वय का काम संभालता था। सोनिया गांधी के साथ अहमद पटेल थे और उनसे पहले अंबिका सोनी थीं। सीताराम केसरी के साथ भी तारिक अनवर ने काम किया औऱ उनसे पहले पीवी नरसिंह राव के साथ जितेंद्र प्रसाद राजनीतिक सचिव थे।

मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ इस तरह का कोई व्यक्ति राजनीतिक सचिव के तौर पर होना चाहिए, जो अखिल भारतीय राजनीति समझता हो और देश भर के कांग्रेस नेताओं से उसका संपर्क या उसकी जान पहचान हो। पहले कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा कोई दूसरा पावर सेंटर नहीं होता था। लेकिन अब राहुल गांधी का सबसे मजबूत पावर सेंटर है। इसलिए राहुल गांधी के पास भी एक राजनीतिक सचिव होना चाहिए, जो तालमेल का काम संभाले। इसके साथ ही कांग्रेस के संगठन महासचिव के रूप में काम करने के लिए ऐसे व्यक्ति की जरुरत है, जो देश की राजनीति को समझता हो। राजनीतिक समझ के साथ साथ भाषा के स्तर पर भी नेताओं के साथ संवाद करने में सक्षम हो और सहज उपलब्ध हो।


Previous News Next News

More News

लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, लगातार आठवें दिन नहीं चल सका प्रश्नकाल

July 30, 2026

लोकसभा में बृहस्पतिवार को विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस समेत विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल लगातार आठवें दिन नहीं चल सका और कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। कांग्रेस सदस्यों को बुधवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान पैदा…

भारत से लगे नेपाल के इलाकों में चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी

July 30, 2026

नेपाल के कोशी प्रांत में भारत की सीमा से लगे सुनसरी जिले के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा के बाद बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी रहा। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। सुनसरी के सहायक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने…

राजस्थान: आठ जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन को मंजूरी

July 30, 2026

राजस्थान सरकार ने आठ जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन स्थाई लोक अदालतों के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्णय के तहत फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर,…

पंजाब में ‘प्रश्नपत्र लीक’ के विरोध में दिल्ली भाजपा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली ईकाई ने बृहस्पतिवार को मंडी हाउस के निकट आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर पंजाब में कथित प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी फिरोजशाह…

गृह मंत्री संसद में आने से क्यों डर रहे हैं, ‘अपराधबोध’ नजर आता है : राहुल

July 30, 2026

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बीते 20 जुलाई को बलप्रयोग किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को गृह मंत्री अमित शाह पर एक बार फिर निशाना साधा और सवाल किया कि वह संसद में आने से तथा इस मामले पर सफाई देने से क्यों डरे हुए हैं। लोकसभा में…

logo