हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों का चुनाव बहुत दिलचस्प होने वाला है। ध्यान रहे हरियाणा में कई बार उलटफेर हो चुका है। कांग्रेस आलाकमान के उम्मीदवार अजय माकन कांग्रेस की विधायक किरण चौधरी की कथित क्रॉस वोटिंग के कारण हार गए थे। बाद में किरण चौधरी भाजपा में चली गईं और अजय माकन दूसरे राज्य से राज्यसभा गए। उससे पहले भी आरके आनंद चुनाव हारे थे, तब कांग्रेस के सभी विधायकों का वोट रहस्यमय तरीके से अवैध हो गया था। बहरहाल, किरण चौधरी रिटायर हो रही हैं। उनके अलावा रामचंद्र जांगड़ा रिटायर हो रहे हैं। हरियाणा के पड़ोसी राज्य पंजाब में अगले साल के शुरू में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसलिए कहा जा रहा है कि भाजपा की कोशिश होगी कि वह हरियाणा से ऐसे नेता को राज्यसभा भेजे, जिससे पंजाब के चुनाव में उसे कुछ फायदा होगा।
ध्यान रहे भाजपा पंजाब में किसी तरह से सिख वोट साधने की कोशिश कर रही है। इसी कोशिश में कांग्रेस से भाजपा में गए रवनीत सिंह बिट्टू को लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी राज्यसभा भेजा कर केंद्र में मंत्री बनाया गया। हरदीप पुरी भी तमाम विवादों के बावजूद केंद्र में मंत्री बने हुए हैं। ऐसे ही भाजपा की कोशिश पंजाब के दलित वोट को साधने की भी है। इसलिए हरियाणा से कोई नया चेहरा देखने को मिल सकता है। किरण चौधरी का पार्टी क्या करेगी यह बड़ा सवाल है। ध्यान रहे उनकी बेटी श्रुति चौधरी राज्य सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में भाजपा उनको राज्यसभा नहीं भी भेज सकती है।
