पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के लिए कांग्रेस पार्टी में स्पेस कम होता जा रहा है। कांग्रेस ने जट सिख नेता के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा का चेहरा स्थापित तकर दिया है। दूसरी ओर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने पार्टी के सर्वोच्च नेता राहुल गांधी को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसकी पार्टी में माफी नहीं हो सकती थी। पार्टी विरोधी बयानों की वजह से नवजोत कौर को पार्टी से निकाला गया तो उन्होंने राहुल गांधी के लिए कहा कि राहुल ने आखिर पप्पू होने की धारणा पर मुहर लगा दी। इसके बाद तो नवजोत सिद्धू के लिए भी पार्टी में रहना मुश्किल हो गया है।
इससे पहले नवजोत कौर ने कहा था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री का चेहरा बनने के लिए जरूरी है कि आपके पास पांच सौ करोड़ रुपए हों। उन्होंने पार्टी के आला नेताओं पर पैसे लेकर सीएम या सीएम का चेहरा बनाने का आरोप लगाया। इससे दिल्ली में सारे नेता नाराज हुए थे। प्रदेश के प्रभारी भूपेश बघेल को उसी समय कार्रवाई करनी थी लेकिन उन्होंने समय लिया। जानकार सूत्रों का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू से इस बारे में बातचीत की गई। जब पार्टी आलाकमान को लगा कि सिद्धू परिवार अब कांग्रेस में रहने के मूड में नहीं है तो नवजोत कौर के खिलाफ कार्रवाई हुई। अब सवाल है कि सिद्धू दंपति कहां जाएंगे? वे भारतीय जनता पार्टी में रहे हैं। सिद्धू सांसद तो नवजोत कौर विधायक हुआ करती थीं। लेकिन कांग्रेस में जाने के बाद उन्होंने नरेंद्र मोदी से लेकर पूरी भाजपा पर जैसे जैसे आरोप लगाए उससे वहां रास्ता मुश्किल है। अकाली दल में उनकी कितनी जरुरत है नहीं कहा जा सकता है। तभी सवाल है कि क्या सिद्धू दंपति आम आदमी पार्टी में जा सकते हैं? एक समय सिद्धू के आप में जाने की बड़ी चर्चा थी। लेकिन वहां भी उनके लिए मुख्यमंत्री की जगह नहीं बनने वाली है। फिर भी आप या भाजपा का रास्ता सिद्धू दंपति चुन सकते हैं।
