देश के जितने राज्यों ने महिला सम्मान के नाम पर योजना शुरू की सब परेशान हैं। चुनावी इस्तेमाल के बाद यह योजना बोझ लगने लग रही है। तभी दिल्ली में तो अभी तक योजना शुरू ही नहीं की गई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि आठ मार्च 2025 को महिला दिवस है और उस दिन महिलाओं के खाते में महिला सम्मान योजना की राशि ट्रांसफर होनी शुरू हो जाएगी। दिल्ली में भाजपा की सरकार बन भी गई और उसका एक साल होने जा रहा है लेकिन महिलाओं को अभी तक पैसे मिलने नहीं शुरू हुए हैं। संभवतः इसलिए बिहार में एक ही बार 10 हजार रुपए देने की योजना बनी ताकि हर महीने पैसे नहीं देने पड़ें।
बहरहाल, पड़ोसी राज्य झारखंड इस योजना से सबसे ज्यादा परेशान है। इसका कारण यह है कि झारखंड सरकार ने पहले हर महीने 11 सौ रुपए देने की घोषणा की थी। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने ढाई हजार रुपए देने की घोषणा कर दी। घबराहट में हेमंत सोरेन सरकार ने भी कह दिया कि सरकार बनी तो हर महीने ढाई हजार रुपए देंगे। सो, अब ढाई हजार रुपया बोझ बन गया है। तभी सरकार ने एक तरह से यह योजना रोक दी है। मइया सम्मान योजना का पोर्टल डाउन कर दिया है। लाखों आवेदन लंबित हैं लेकिन नए लाभार्थी नहीं बनाए जा रहे हैं। जो लाभार्थी बने हुए हैं उसमें से सरकार छंटनी कर रही है। अब किसी तरह से इस बोझ को कम करने का प्रयास कर रही है।
