केरल में भारतीय जनता पार्टी हर छोटे बड़े घटनाक्रम का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। चुनाव से ठीक पहले उसे एक बड़ा मौका मिल गया है सबरीमाला मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) की गिरफ्तारी से। मंदिर से चोरी हुए सोने के मामले में राज्य पुलिस ने मंदिर के मुख्य पुजारी को गिरफ्तार किया है। इस सिलसिले में पहले से जो जांच चल रही थी उसमें पुलिस ने कुछ अधिकारियों और मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। यह पहला मौका है। तभी उससे ज्यादा विवाद नहीं बना। लेकिन मुख्य पुजारी की गिरफ्तारी के बाद यह बड़ा धार्मिक मुद्दा बन गया है। गिरफ्तारी के अगले दिन 66 साल के मुख्य पुजारी कंधरार राजीव की तबियत भी बिगड़ गई।
भारतीय जनता पार्टी इस गिरफ्तारी को राजनीतिक मुद्दा बना रही है। कंधरार राजीव की गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेताओं की एक बैठक हुई। बताया जा रहा है कि प्रदेश के नेताओं ने दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं से विचार विमर्श किया और उसके बाद मुख्य पुजारी का मुद्दा उठाने का फैसला किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि सीपीएम के नेताओं को बचाने के लिए मुख्य पुजारी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा है कि देवास्वोम मंत्री वीएन वासन और पूर्व मंत्री कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन को बचाने के लिए पुजारी को गिरफ्तार किया गया है। तीन महीने के बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले भाजपा इसे हिंदू धर्मस्थलों पर हमले के प्रयास के तौर पर प्रचारित करेगी।
