बंगाल में भाजपा का चेहरा कौन?

Categorized as राजनीति

यह लाख टके का सवाल है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी किसको चेहरा बना कर चुनाव लड़ेगी। सामने से ममता बनर्जी की चुनौती है और यह सबको पता है कि भाजपा के पास उनसे मुकाबले के लिए कोई चेहरा नहीं है। तभी भाजपा के नेता अनौपचारिक बातचीत में दावा करते हैं कि चेहरा तो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुकाबले के लिए भी नहीं था लेकिन भाजपा ने उनको हरा दिया। जब हर्षवर्धन और किरण बेदी का चेहरा था तब भाजपा नहीं जीती। लेकिन जब बिना चेहरे के लड़ी तो जीत गई। हालांकि यह लॉजिक पश्चिम बंगाल में नहीं चलेगा। वहां ममता बनर्जी से मुकाबले के लिए भाजपा को मजबूत और जमीनी पकड़ वाले नेता का चेहरा दिखाना होगा। क्या वह चेहरा शुभेंदु अधिकारी का होगा? उनके चेहरे पर भाजपा ने पिछला चुनाव लडा था और उसे 77 सीटें मिली थीं। बहुमत का जादुई आंकड़ा 148 सीट का है। अभी भी भाजपा ने अधिकारी को ही आगे किया है। ईडी की छापेमारी के बाद ममता बनर्जी की ओर से शुभेंदु अधिकारी पर आरोप लगाया गया है कि कोयला तस्करी का पैसा उन्होंने अमित शाह तक पहुंचाया। यानी ममता बनर्जी भी उन्हीं से मुकाबला बनाना चाह रही हैं और बाहरी चेहरे के तौर पर नरेंद्र मोदी से ज्यादा अमित शाह को प्रोजेक्ट करके उन पर हमला कर रही हैं।

असल में पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीति की समस्या यह है कि भाजपा एक के बाद एक चेहरे लाती है और उसे डंप करती जाती है। पहले राहुल सिन्हा भाजपा के अध्यक्ष थे। फिर उनकी जगह दिलीप घोष लाए गए। उसके बाद सुकांत मजूमदार को आगे किया गया और अब शामिक भट्टाचार्य लाए गए हैं। ये सब भाजपा और संघ के पुराने लोग हैं। लेकिन ममता को टक्कर देने के लिए भाजपा उन्हीं की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से तोड़ कर शुभेंदु अधिकारी को ले आई है। वैसे तो तृणमूल से मुकुल रॉय को भी लाया गया था लेकिन पार्टी को कोई फायदा नहीं हुआ। अब सब कुछ शुभेंदु अधिकारी संभाल रहे हैं। इससे बाकी नेता हाशिए में गए। नाराज होकर दिलीप घोष घर बैठ गए। उन्होंने जगन्नाथ धाम कार्यक्रम में ममता बनर्जी से मुलाकात की।

लेकिन अब अमित शाह ने दिलीप घोष का निर्वासन खत्म कराया है और उनको सक्रिय किया है। वे यात्राएं कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा के नेताओं का मानना है कि अगर शामिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष मिल कर काम करें तो पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए अच्छा अवसर बन सकता है। ये दोनों जमीनी नेता हैं और भाजपा व संघ के पुराने नेताओं के साथ उनका बेहतर समन्वय है। हालांकि अभी तो भाजपा शुभेंदु अधिकारी के कंधे पर ही नेतृत्व की जिम्मेदारी डाले हुए दिख रही है। दिलीप घोष की एक महीने की सक्रियता के बाद लगता है कोई तस्वीर बनेगी। उनको आधिकारिक रूप से कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है। वे खुद प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं तो शामिक भट्टाचार्य की कमेटी में तो कोई जगह नहीं ले सकते हैं लेकिन चुनाव अभियान समिति उनकी अध्यक्षता में बन सकती है।


Previous News Next News

More News

अमेरिका ने ईरान का जहाज जब्त किया

April 21, 2026

अमेरिका ने अरब सागर में ईरान के ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर गोलीबारी करने के बाद उसे जब्त कर लिया है। तेहरान ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ‘सशस्त्र समुद्री डकैती’ करार दिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। फिर से तनाव और बढ़ गया है।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार,…

दिल्ली दौरे पर बिहार के सीएम सम्राट चौधरी

April 21, 2026

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को दिल्ली दौरे पर रहेंगे। मंगलवार शाम 4 बजे उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर होगी। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सम्राट चौधरी की पहली दिल्ली यात्रा है। जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये शिष्टाचार मुलाकात बताई जा रही है लेकिन…

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने चुनाव के बाद हुई हिंसा पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए

April 21, 2026

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त परिषद (टीटीएएडीसी) के चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद हुई हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। 30 सदस्यों वाली टीटीएएडीसी में 28 चुने हुए प्रतिनिधि और राज्य सरकार द्वारा नामित…

ईरान में इंटरनेट बंदी के 53 दिन, सरकार ‘टियर सिस्टम’ की कर रही व्यवस्था

April 21, 2026

ईरान में इंटरनेट बंदी के 53 दिन हो चुके हैं। संघर्ष से हुई तबाही के बाद पुनर्निर्माण का दौर जारी है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेट ब्लॉक्स के अनुसार, बाहरी दुनिया ईरान का संपर्क लगभग 1248 घंटों से टूटा पड़ा है। एक्स पर एक ग्राफिक के जरिए बताया कि सरकार ने इंटरनेट को पूरी तरह खोलने…

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय जर्मनी यात्रा आज से

April 21, 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत-जर्मनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से मंगलवार से जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे।   इस यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और जर्मन सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर…

logo