झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर अटकलों का दौर जारी है। कोई एक महीना पहले, जब वे दिल्ली में थे और करीब पांच दिन तक बिना किसी सरकारी कार्यक्रम के वहां रहे तो अटकले लगी थीं कि उनकी मुलाकात भाजपा के बड़े नेताओं से हुई है। कहा जाने लगा कि वे भाजपा के साथ जा सकते हैं। हालांकि उस समय वे अपने ससुर के इलाज के सिलसिले में दिल्ली में थे। अब इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि हेमंत सोरेन पिछले हफ्ते अहमदाबाद किस लिए गए गए थे। वे सुबह अहमदाबाद गए और शाम में वापस लौट आए थे। उनकी इस यात्रा के बाद फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के बाद झारखंड में गठबंधन बदल सकता है।
कहा जा रहा है कि हेमंत सोरेन का भाजपा से तालमेल हो जाएगा और नई सरकार का गठन होगा। इससे हेमंत सोरेन को कानूनी मुकदमों से राहत मिलेगी और राज्य सरकार को भी केंद्रीय मदद मिलने लगेगी तो रूके हुए काम आगे बढ़ेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि उसके बाद हेमंत सोरेन कांग्रेस को तोड़ देंगे। ये अटकलें इसलिए शुरू हुईं क्योंकि मुख्यमंत्री अहमदाबाद में एक बड़े उद्योगपति की ओर से आयोजित पोलो मुकाबला देखने पहुंचे और उसके बाद दूसरे बड़े उद्योगपति से उनकी मुलाकात हुई। ध्यान रहे कुछ समय पहले गौतम अडानी ने रांची में उनसे मुलाकात की थी और अब जानकार सूत्रों का कहना है कि अहमदाबाद में दोनों की मुलाकात हुई है। बहरहाल, बिहार और झारखंड की राजनीति में मकर संक्रांति के बाद क्या बदलाव होते हैं इस पर सबकी नजर है।
