यह लाख टके का सवाल है कि मध्य प्रदेश से कांग्रेस किसको राज्यसभा भेजेगी। इस साल जून में मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से दो भाजपा की हैं और एक कांग्रेस के दिग्विजय सिंह की है। दिग्विजय सिंह अपना स्वघोषित वनवास समाप्त करने के बाद पिछले 12 साल से राज्यसभा में हैं। क्या भाजपा उनको तीसरे कार्यकाल के लिए भेजेगी? इस सवाल से पहले राज्यसभा की गणित देखें। 230 सदस्यों की मध्य प्रदेश विधानसभा में इस बार एक सीट जीतने के लिए 58 वोट की जरुरत होगी। विधानसभा में भाजपा के 165 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। कांग्रेस को बीएपी के एक विधायक का समर्थन है। इस तरह उसकी संख्या 65 हो जाती है। यानी एक सीट उसे बड़ी आसानी से मिल जाएगी। भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी रिटायर हो रहे हैं।
ध्यान रहे इससे पहले 2020 में राज्यसभा का दोवार्षिक चुनाव हुआ था उस समय खबर आ रही थी कि लोकसभा चुनाव हारे ज्योतिरादित्य सिंधिया भी राज्यसभा जाना चाहते थे। चुनाव से पहले ही उन्होंने कांग्रेस तोड़ी थी, जिससे कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई थी। बहरहाल, इस बार दिग्विजय सिंह फिर से राज्यसभा जा सकते हैं। हालांकि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक संगठन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हमलोगों का तो हो गया लेकिन नए लोगों का क्या होगा इसकी चिंता है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वे राज्यसभा नहीं जाना चाहेंगे। उनकी उम्र 78 साल है और वे पूरी तरह से फिट हैं। 82 साल के मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में पार्टी के नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम की भी चर्चा है। दशकों में पहली बार ऐसा है कि कमलनाथ या उनके परिवार का कोई सदस्य न तो विधानसभा में है और न संसद में। वे भी अपने बेटे नकुलनाथ के लिए हाथ पैर मारते बताए जा रहे हैं। पता नहीं क्या होगा राज्यसभा के चुनाव में?
