पुणे में लड़ेगा महाविकास अघाड़ी!

Categorized as राजनीति

मुंबई में महाविकास अघाड़ी नहीं लड़ेगा लेकिन पुणे में अघाड़ी लड़ेगा। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में इस किस्म की खूब उलटबांसी हो रही है। पुणे नगर निगम यानी पीएमसी के चुनाव के लिए शरद पवार की एनसीपी की बातचीत अजित पवार की एनसीपी से हो रही थी। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले खुद बात कर रही थीं। लेकिन सीटों की संख्या को लेकर बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने अजित पवार को छोड़ कर फिर से महाविकास अघाड़ी से बातचीत शुरू कर दी। ध्यान रहे पुणे नगर निगम की स्थिति शरद पवार के परिवार के लिए बारामती सीट जैसी है। परिवार का दबदबा इस इलाके में दशकों से है। अजित पवार के अलग होने के बाद पहली बार नगर निगम का चुनाव हो रहा है।

इसलिए शरद पवार के लिए बहुत जरूरी है कि उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करे। ध्यान रहे लोकसभा में बारामती सीट पर शरद पवार की बेटी ने अजित पवार की पत्नी को हराया तो विधानसभा चुनाव में अजित पवार ने शरद पवार की ओर से खड़ा किए गए उनके पोते रोहित पवार को हराया। लड़ाई बराबर हो गई है। अब पीएमसी से तय होगा कि कौन बड़ा है। तभी सुप्रिया सुले ने कांग्रेस और शिव सेना से बात की है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से पीएमसी की 165 सीटों में से सबको बराबर सीट का प्रस्ताव दिया गया है। दूसरी ओर शरद पवार की पार्टी अकेले आधी सीटों पर लड़ना चाहती है। जो हो पुणे नगर निगम का चुनाव का गठबंधन और तैयारी दोनों बहुत दिलचस्प हो गया है। क्योंकि शरद पवार की पार्टी से बातचीत खत्म होने के बाद अजित पवार को भी महायुति में अपना तालमेल फाइनल करना है।


Previous News Next News

More News

पीएम की कथनी और पार्टी की करनी

August 2, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौ दिन में पांचवा वीडियो अपलोड किया है। पहले चार वीडियो को 90 करोड़ व्यूज मिले थे। ऐसा दिखाया जा रहा है कि ये वीडियो प्रधानमंत्री अपने मोबाइल से बना कर डाल रहे हैं। इसका मकसद ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के…

चढ़ावा चोरी का नाटक फायदा करेगा या नुकसान

August 2, 2026

संसद के मानसून सत्र में दो स्तर पर राजनीतिक लड़ाई चल रही है। एक लड़ाई केंद्र सरकार और एनडीए बनाम विपक्ष की है। दूसरी लड़ाई विपक्ष के अंदर है। विपक्ष की पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ स्कोर करने की संभावना तलाश रही हैं। तभी राहुल गांधी ने जब पेपर लीक को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया…

जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

August 2, 2026

दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि…

उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी

August 2, 2026

सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र…

हिंदुओं को आखिर करना क्या है?

August 2, 2026

यह कंफ्यूजन इस बात से पैदा हुआ है कि दिल्ली में राज्य सरकार ने महिला सम्मान निधि के नाम पर महिलाओं को ढाई हजार रुपए देने की जो लक्ष्मी योजना शुरू की है उसमें एक प्रावधान किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं उनको इस योजना का लाभ नहीं…

logo