चंद्रबाबू नायडू की योजना क्या कारगर होगी?

Categorized as राजनीति

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगर आंध्र प्रदेश का कोई व्यक्ति क्वांटम कंप्यूटिंग में नोबल पुरस्कार जीतता है तो उसको सरकार एक सौ करोड़ रुपए देगी। यह बहुत बड़ी रकम होती है। वैसे नोबल जीतने वाले को 10 करोड़ रुपए नोबल कमेटी की ओर से मिलते हैं। लेकिन सौ करोड़ रुपए का ऐलान बड़ी बात है। लेकिन सवाल है कि नोबल जीतना क्या कुश्ती का मेडल जीतने की तरह है कि पैसे का प्रलोभन लोगों को उस दिशा में प्रेरित करेगा और वह जीत जाएगा? नोबल शारीरिक शक्ति की परीक्षा नहीं है और न किसी खास कौशल की परीक्षा है।

नोबल जीतना जीवन भर के संचित श्रम प्राप्य होता है, मेधा की श्रेष्ठता का परिचायक होता है और विशिष्ट संज्ञानात्मक श्रेष्ठता से इसे हासिल किया जाता है। उसके लिए पैसा प्रेरक तत्व नहीं हो सकता है। तभी नायडू की मंशा भले अच्छी हो लेकिन तरीका ठीक नहीं है। इसकी बजाय अगर ने सौ या दो सौ करोड़ रुपए खर्च करके कोई अच्छा रिसर्च सेंटर स्थापित करें तो ज्यादा बेहतर होगा। उनको चाहिए कि वे क्वांटम कंप्यूटिंग में काम करने वाले आंध्र प्रदेश के युवाओं को दुनिया के हर कोने से खोज कर ले आएं और रिसर्च सेंटर में बहुत अच्छे वेतन और सुविधाओं के साथ काम करने की स्थितियां मुहैया कराएं तो एक नहीं कई नोबल आ सकते हैं।


Previous News Next News

More News

पीएम की कथनी और पार्टी की करनी

August 2, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नौ दिन में पांचवा वीडियो अपलोड किया है। पहले चार वीडियो को 90 करोड़ व्यूज मिले थे। ऐसा दिखाया जा रहा है कि ये वीडियो प्रधानमंत्री अपने मोबाइल से बना कर डाल रहे हैं। इसका मकसद ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के…

चढ़ावा चोरी का नाटक फायदा करेगा या नुकसान

August 2, 2026

संसद के मानसून सत्र में दो स्तर पर राजनीतिक लड़ाई चल रही है। एक लड़ाई केंद्र सरकार और एनडीए बनाम विपक्ष की है। दूसरी लड़ाई विपक्ष के अंदर है। विपक्ष की पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ स्कोर करने की संभावना तलाश रही हैं। तभी राहुल गांधी ने जब पेपर लीक को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया…

जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

August 2, 2026

दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि…

उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी

August 2, 2026

सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र…

हिंदुओं को आखिर करना क्या है?

August 2, 2026

यह कंफ्यूजन इस बात से पैदा हुआ है कि दिल्ली में राज्य सरकार ने महिला सम्मान निधि के नाम पर महिलाओं को ढाई हजार रुपए देने की जो लक्ष्मी योजना शुरू की है उसमें एक प्रावधान किया गया है कि जिन महिलाओं के तीन या उससे ज्यादा बच्चे हैं उनको इस योजना का लाभ नहीं…

logo