तमिल फिल्मों के सुपरस्टार विजय को तालमेल करके चुनाव नहीं लड़ना है। उनकी पार्टी यह बात खुल कर नहीं कह रही है लेकिन उनकी शर्तें ऐसी हैं कि कोई भी उसे स्वीकार करके तालमेल नहीं करेगा। विजय चाहते हैं कि तालमेल तभी हो जब उनको मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित किया जाए। यह बात किसी स्थिति में अन्ना डीएमके नेता ई पलानीस्वामी को मंजूर नहीं है। तभी भाजपा का कोई प्रयास कामयाब नहीं हो रहा है। भाजपा चाहती है कि अन्ना डीएमके और भाजपा के गठबंधन में विजय की पार्टी टीवीके को शामिल कराया जाए। इसके लिए टीवीके को कई तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं।
विजय की रैली में हुई भगदड़ के लिए एमके स्टालिन की सरकार को जिम्मेदार ठहराने का दांव भी भाजपा इसी योजना के तहत चल रही है। जानकार सूत्रों का कहना है कि विजय को लेकर पहले माना जा रहा था कि वे डीएमके और कांग्रेस अलायंस का वोट काटेंगे और इसका लाभ अन्नाडीएमके और भाजपा अलायंस को होगा। इसके लिए ही विजय को लाया गया था। प्रशांत किशोर उनके चुनाव प्रबंधक बने तब भी इस बात की चर्चा हुई। लेकिन बाद में स्थितियां बदल गईं। पलानीस्वामी के नाम पर पनीरसेल्वम और दिनाकरण ने गठबंधन छोड़ दिया। वे अलग लड़ कर एनडीए को नुकसान पहुंचाएंगे। तभी विजय से तालमेल की चर्चा शुरू हुई है।
