पीके ने पहले ही मुस्लिम उतार दिए

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प्रशांत किशोर ने वादे के मुताबिक नौ अक्टूबर को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। उन्होंने कहा था कि वे दूसरी सभी पार्टियों से पहले उम्मीदवार घोषित करेंगे, वह वादा उन्होंने पूरा कर दिया। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया था कि वे मुस्लिम उम्मीदवार वही उतारेंगे, जहां राष्ट्रीय जनता दल का मुस्लिम उम्मीदवार नहीं होगा। असल में उनके ऊपर भाजपा की बी टीम होने का आरोप लग रहा था। कहा जा रहा था कि वे राजद का मुस्लिम वोट काटने की राजनीति कर रहे हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने कहा कि वे राजद के मुस्लिम उम्मीदवारों के सामने जन सुराज पार्टी के मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। लेकिन प्रशांत किशोर ने यह वादा तोड़ दिया।

उनके 51 उम्मीदवारों की पहली सूची में सात मुस्लिम उम्मीदवार हैं। प्रशांत किशोर ने सीमांचल की मुस्लिम बहुल सीटों के अलावा मिथिलांचल के इलाके  में भी मुस्लिम उम्मीदवार दिए हैं। उनकी पहली सूची में मिथिलांचल की  बेनीपट्टी सीट से मोहम्मद परवेज आलम का नहीं है। इसी तरह दरभंगा ग्रामीण सीट से उन्होंने शोएब खान को टिकट दिया है। पीके ने सीमांचल की मुस्लिम बहुल कोचाधामन सीट से अबू अफ्फान फारूकी और अमौर सीट से अफरोज आलम को उम्मीदवार बनाया है। बायसी सीट से उन्होंने मोहम्मद शहनवाज आलम को उतारा है। कोशी क्षेत्र की महिषी सीट से पीके ने शमीम अख्तर को प्रत्याशी बनाया है। ये सभी मुस्लिम बहुल सीट हैं और राजद, कांग्रेस के अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम की ओर से भी इन सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार ही लड़ेंगे। अब कहा जा रहा है कि पीके ऐसी और सीटों पर भी मुस्लिम उम्मीदवार दे सकते हैं, जहां राजद, कांग्रेस और एमआईएम का मुस्लिम उम्मीदवार होगा।


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