मोहिलारी को मोदी की बधाई का मतलब

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असम में बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है। चुनाव से पहले बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद यानी बीटीसी के चुनाव में हाग्रामा मोहिलारी की बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट यानी बीपीएफ की जीत ने बहुत कुछ बदल दिया है। जिस भाजपा ने उनको उनके हाल पर छोड़ दिया था और पिछले चुनाव में प्रमोड बोडो की पार्टी यूपीपीएल के साथ तालमेल करके मोहिलारी की पार्टी को हरा दिया था, उस भाजपा के नेता मोहिलारी को जीत पर बधाई दे रहे हैं। पिछले दिनों मोहिलारी ने बीटीसी के प्रमुख के पद की शपथ ली तो स्वंय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया में एक लंबी पोस्ट लिख कर उनको बधाई दी। यह मामूली बात नहीं है कि एक क्षेत्रीय परिषद के प्रमुख को प्रधानमंत्री बधाई दें।

असल में यह असम विधानसभा चुनाव से जुड़ा मामला है। तभी प्रधानमंत्री ने मोहिलारी और उनकी टीम को बधाई देते हुए यह भी लिखा कि, ‘हम सभी मिल कर महान बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा की दूरदर्शिता को साकार करने और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं’। अब भारतीय जनता पार्टी की कोशिश होगी कि किसी तरह से मोहिलारी को गठबंधन में लाया जाए, चाहे इसके लिए प्रमोद बोडो को छोड़ना क्यों न पड़े। हाग्रामा मोहिलारी अगर एनडीए के साथ नहीं जाते हैं तो यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कांग्रेस के साथ उनका तालमेल न हो। गौरतलब है कि वे पिछली बार कांग्रेस से तालमेल करके लड़े थे और चार सीटों पर जीते थे। तब बदरूद्दीन अजमल की पार्टी भी कांग्रेस के साथ गठबंधन में थी। अजमल की पार्टी कांग्रेस के साथ रहे इसमें भाजपा को दिक्कत नहीं है लेकिन मोहिलारी अगर कांग्रेस के साथ गए तो नतीजों पर बड़ा असर डाल सकते हैं। तभी उनको रोकने की कोशिश हर हाल में होगी।


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