क्या एआई वीडियों से राजनीति होगी?

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कांग्रेस पार्टी को कोशिश यह करनी चाहिए कि बिहार के दरभंगा में कांग्रेस और राजद के महागठबंधन के मंच से प्रधानमंत्री को जो गाली दी गई थी वह मामला किसी तरह से ठंडा पड़ जाए। हालांकि यह आसान नहीं है क्योंकि खुद प्रधानमंत्री मोदी इसे मुद्दा बना रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी ने तो खैर मुद्दा बनाया ही है। फिर भी कांग्रेस को कोशिश करनी चाहिए लेकिन वह उलटा कर रही है। वह ऐसे काम कर रही है, जिससे इसकी याद ताजा बनी रहे। लोग याद करते रहें कि कांग्रेस पार्टी के मंच से एक मुस्लिम युवक ने प्रधानमंत्री को मां की गाली दी थी। पता नहीं कांग्रेस को किस समझदार व्यक्ति ने यह आइडिया दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए एक वीडियो बनाया जाए, जिसमें प्रधानमंत्री और उनकी मां को दिखाया जाए।

कांग्रेस ने बड़े गर्व से यह वीडियो जारी किया, जिसमें प्रधानमंत्री और उनकी मां जैसे दिखने वाले दो लोगों के बीच संवाद है। प्रधानमंत्री की मां जैसी दिखने वाली महिला प्रधानमंत्री के सपने में आती है और इस बात के लिए डांटती है कि वे बिहार चुनाव में उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह पूरी तरह से गैरजरूरी वीडियो था। लेकिन कांग्रेस ने न सिर्फ इसे जारी किया है, बल्कि कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता मीडिया के सामने आकर समझा रहे हैं कि इसके कंटेट का क्या मतलब है और यह क्यों जरूरी थी। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने बहुत मासूमियत से पूछा कि एक मां अपने बेटे को नसीहत दे रही है, इसमें क्या अपमानजनक है? सोचें, पवन खेड़ा कांग्रेस के समझदार लोगों में गिने जाते हैं। वे ऐसी बात कर रहे हैं।

वीडियो में कोई अपमानजनक बात नहीं है लेकिन वीडियो में जिस महिला को प्रधानमंत्री की दिवंगत मां की तरह दिखाया जा रहा है, उसका तो अपमान बिहार में हुआ है! यह बहस का विषय है कि अपमान करने वाला कांग्रेस से जुड़ा हुआ था या नहीं लेकिन कांग्रेस पार्टी के मंच से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री को मां की गाली दी। लेकिन यह तथ्य है कि गाली दी गई, उस समय कांग्रेस के स्थानीय नेता मंच पर थे, किसी नेता ने गाली देने वाले का न तो प्रतिवाद किया  और न उसकी शिकायत की। जब मीडिया में वीडियो चलने लगे तब उस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

उसके बाद कांग्रेस उसे विक्षिप्त बता कर अपना बचाव करने लगी। 27 अगस्त की इस घटना पर कांग्रेस आज तक लगातार गलतियां करती जा रही है। जिस समय उस व्यक्ति ने मंच से गाली दी उसी समय कांग्रेस के नेता उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले करते तो बात खत्म हो जाती। उसके बाद विवाद बढ़ा तो कांग्रेस के नेता माफी मांग लेते तब भी मामला खत्म होता। लेकिन कांग्रेस ने या तो किसी तर्क से घटना का बचाव किया या अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की।

उस घटना के दो हफ्ते बाद अब कांग्रेस ने एआई से वीडियो बना कर उसकी याद फिर से ताजा कर दी है। वीडिय़ो में उस मां को ले आए, जिसका अपमान हुआ। इसके बाद भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों को फिर से कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया। दूसरी ओर कांग्रेस के सहयोगी तेजस्वी यादव इससे दूरी बना रहे हैं। कांग्रेस का वीडियो गुरुवार की रात को आया, जिस पर शुक्रवार को तेजस्वी से प्रतिक्रिया पूछी गई तो उन्होंने कहा कि वीडियो नहीं देखें हैं इसलिए कुछ नहीं कहेंगे। कम से कम इस मामले में तेजस्वी ज्यादा समझदारी दिखा रहे हैं।


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