अमेरिका ने ईरान पर एक और दौर के हमले किये, होर्मुज के पास सैन्य ठिकाने निशाने पर

Categorized as समाचार

अमेरिका के केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने मंगलवार देर रात कहा कि उसने ईरान के खिलाफ एक और चरण के हमले पूरे करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरानी तटीय क्षेत्रों के निकट दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

सेंटकॉम ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक पोतों ने सात घंटे तक चले अभियान में ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक क्षमताओं तथा तटीय रक्षा प्रणालियों पर सटीक हमले किये। बयान के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य कारोबारी जहाजों और नागरिक चालक दल के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना था।

सेंटकॉम ने यह भी बताया कि इसी दिन अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी भी फिर से शुरू कर दी।

बयान में कहा गया, “अमेरिकी बल पूरी तरह सतर्क, घातक क्षमता से लैस और राष्ट्रपति के निर्देशानुसार कार्रवाई के लिए तैयार हैं।”

Also Read : वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ी, प्रमुख हस्तियों ने 17वें दिन अनशन खत्म करने की अपील की

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आने वाले दिनों में जारी रहेगी और और तेज होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान वार्ता की मेज पर नहीं लौटता है तो अगले सप्ताह अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को भी निशाना बनाएगा।

हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम एवं स्थायी शांति के उद्देश्य से संपन्न समझौता ज्ञापन (इस्लामाबाद एमओयू) के बावजूद दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। उधर, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र भेजकर अमेरिका पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने और युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा, “समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद से ही अमेरिका ने न केवल अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया, बल्कि व्यवस्थित रूप से इस समझौते की बुनियाद को कमजोर करने का काम किया है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

क्या दिपके राजनीतिक पार्टी बनाएंगे?

July 29, 2026

अभिजीत दिपके और उनके नजदीकी लोग जैसे आशुतोष रांका और सौरव दास दावा कर रहे हैं कि अभी राजनीतिक पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है और न चुनाव लड़ना है। लेकिन असल में दिपके और उनकी टीम राजनीतिक दल बनाएंगे। ध्यान रहे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के समय इंडिया अगेंस्ट करप्शन के लोग खास कर…

पीके से पूरा एनडीए लड़ रहा है

July 29, 2026

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव भाजपा के लिए दुःस्वप्न साबित हो रहा है। भाजपा के कई नेता कह रहे हैं कि नितिन नबीन को सीट से इस्तीफा नहीं देना चाहिए थे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बाद वे राज्यसभा चले गए और उन्होंने बांकीपुर सीट से इस्तीफा दे दिया। इसकी वजह…

कॉकरोच: एक शब्द का बल

July 29, 2026

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने दिया था। उन के शब्दों ने हिटलर के सामने पस्त हो रहे इंग्लैंड को बल दिया। इस हद तक कि कई यूरोपीय देशों को टिके रह कर लड़ने का हौसला मिला।…. चर्चिल ने अंग्रेजी भाषा को बुलाया और उसे युद्धभूमि में उतार दिया।” आज कम…

दांव पर लगा इसरो?

July 29, 2026

इसरो के पूर्व चेयरमैन जी. माधवन नायर ने अब वो राज़ बताया है, जिस पर कयास लग रहे थे। उन्होंने कहा कि इसरो में वैज्ञानिकों के ऊपर नौकरशाहों का शिकंजा कसने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इसी महीने यह चौंकाने वाली खबर आई कि तकरीबन 120 वैज्ञानिकों और तकनीक-कर्मियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से…

निशाने पर नए शिक्षा मंत्री

July 29, 2026

नई दिल्ली। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया गया। अब वे विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। मंगलवार को पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने जोशी पर निशाना साधा और कहा…

logo