सोनम वांगचुक के समर्थन में आईं जीनत अमान, केंद्र से वार्ता की अपील

Categorized as समाचार

अभिनेत्री जीनत अमान ने केंद्र सरकार से 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने की मंगलवार को अपील की।

अभिनेत्री ने कहा कि भारत को मूकदर्शक बने रहकर अपनी सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में से एक को तिल-तिल मिटते नहीं देखना चाहिए।

जीनत अमान (74) ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में लिखा कि सरकार को सोनम वांगचुक से शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि यह मुद्दा पूरे ‘‘भारत के भविष्य’’ से जुड़ा है।

उन्होंने लिखा हमें ऐसा समाज नहीं बनना चाहिए जो मूकदर्शक बने रहकर अपनी सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में से एक को तिल-तिल मिटता देखे। भारत में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की एक लंबी परंपरा रही है। इसलिए जिनके हाथ में सत्ता है, उनका कर्तव्य है कि ऐसे शांतिपूर्ण विरोध का जवाब शांतिपूर्ण बातचीत से दें।  

उन्होंने कहा मैं वांगचुक की इच्छा का सम्मान करते हुए भारत सरकार से अपील करती हूं कि इस मुद्दे पर बातचीत शुरू की जाए, क्योंकि यह पूरे देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है।  

Also Read : झारखंड: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मलिक का 83 वर्ष की उम्र में निधन

वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़े कॉजपा के विरोध-प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं।

आयोजकों के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम घट गया है।

अभिनेत्री ने पोस्ट में लिखा मैंने एक समाचार में पढ़ा कि वांगचुक की मांसपेशियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं और उन्हें काफी तकलीफ हो रही है। जब उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने जवाब दिया ‘मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए। सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही’।  

उन्होंने वांगचुक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लद्दाख के ‘स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट’ के संस्थापक, ‘बर्फ का स्तूप’ के आविष्कारक, लद्दाख में शिक्षा सुधार के समर्थक हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके काम की दुनिया भर में सराहना हुई है।

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि 2009 की सुपरहिट फिल्म ‘3 इडियट्स’ में अभिनेता आमिर खान द्वारा निभाया गया ‘फुंसुख वांगडू’ का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित था।

उन्होंने लिखा हर लिहाज से वांगचुक एक बेहद प्रतिभाशाली, जिम्मेदार और समाज के प्रति समर्पित व्यक्ति हैं। समाज के प्रति उनके योगदान के लिए उन्हें दुनिया भर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

वंदे मातरम पर ‘इंडिया’ ब्लॉक में मतभेद

September 13, 2026

कांग्रेस पार्टी ने अचानक वंदे मातरम को बड़ा मुद्दा बना दिया है और इस पर टकराव पैदा कर रही है। यह अचानक हुआ इसलिए लग रहा है क्योंकि संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस इस पर अपनै स्टैंड स्पष्ट करने से बच रही थी। कांग्रेस के नेता इस बात से खुश थे कि जंतर मंतर…

केजरीवाल, पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता

September 13, 2026

भारत में राजनीति को जाति के स्टीरियोटाइप में देखा जाता है। जब भी किसी पार्टी के संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा होती है तो देखा जाता है कि उसमें जातीय समीकरण का कितना ध्यान रखा गया है। ऐसे की सरकार के मंत्रियों के चयन में भी सामाजिक, क्षेत्रीय संतुलन की बात होती है। हर जाति…

टकराव की राजनीति बढ़ा रहे हैं केजरीवाल

September 13, 2026

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दिनों पूरी तरह से पंजाब की राजनीति में लगे हैं। वे रैलियां और चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं और साथ साथ टिकट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में भी लगे हैं। राघव चड्ढा और उनसे भी ज्यादा संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने के बाद केजरीवाल पर…

धीरेंद्र शास्त्री ने भाजपा का नुकसान कर दिया

September 13, 2026

पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद बड़े धूमधड़ाके से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बंगाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार थी तो उनको राज्य में नहीं आने दिया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार बदल गई है और लोगों का मन बदलना चाहिए। सोचें, बंगाल में लोगों…

आर्थिक विकासः इतने बंटे हुए क्यों हैं अहसास!

September 13, 2026

लोग यह पूछने लगे हैं कि अगर तेज गति से आर्थिक वृद्धि दर्ज हो रही है, तो वह आम जिंदगी में महसूस क्यों नहीं हो रही है? आंकड़ों की साख का सवाल तो पुराना है, मगर ताजा बहस के क्रम में आम तजुर्बे के खिलाफ आए आंकड़ों पर सरल, लेकिन कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाए…

logo