मेक इन इंडिया सिर्फ नारा है- राहुल

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं को लेकर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा है कि मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल सिर्फ नारा है। उन्होंने कहा कि इससे मजदूरों, कारीगरों और पेशेवरों को कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर अपना यह आरोप भी दोहराया कि वह सिर्फ उद्योगपतियों के लिए काम करती है।

असल में राहुल गांधी जयपुर में बस और ट्रक की बॉडी बनाने वाली वर्कशॉप में पहुंचे थे, जिसकी वीडियो सोमवार को जारी की गई। उन्होंने वहां काम करने वाले कारीगरों और उद्योग से जुड़े लोगों से बातचीत की। राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल सिर्फ नारे बनकर रह गए हैं। मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही हैं’। राहुल ने यह भी कहा कि तकनीकी खराबी के कारण बसों में लगने वाली आग का दोष उन कारीगरों पर लगाया जा रहा है, जो केवल गाड़ी की बॉडी तैयार करते हैं।

वर्कशॉप के कारीगरों से मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि राजस्थान के स्थानीय बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स से मुलाकात के दौरान ऐसा भारत देखने को मिला, जो अपने दम पर रोजगार पैदा करता है। राहुल ने कहा, ‘लोहे की चादरें, वेल्डिंग की चिंगारियां, हथौड़ों की आवाज इन सबके बीच कारीगर अपनी मेहनत और हुनर से भारत का भविष्य गढ़ रहे हैं। जयपुर की बस, ट्रक बॉडी बिल्डिंग वर्कशॉप में ऐसा भारत दिखता है, जो अपने हाथों से रोजगार भी पैदा करता है और देश की रफ्तार भी तय करता है’।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि छोटे उद्योग बंद होने से सिर्फ फैक्टरी नहीं, बल्कि लोगों का हुनर और रोजगार भी खत्म होता है। उन्होंने कहा, ‘हम कारीगरों का हक नहीं छिनने देंगे। फेरारी और रोल्स रॉयस जैसी कंपनियों के स्तर का हुनर रखने वाले इन कारीगरों को मदद मिलने के बजाय नियमों के बोझ से काम बंद करना पड़ रहा है’।


Previous News Next News

More News

वंदे मातरम पर ‘इंडिया’ ब्लॉक में मतभेद

September 13, 2026

कांग्रेस पार्टी ने अचानक वंदे मातरम को बड़ा मुद्दा बना दिया है और इस पर टकराव पैदा कर रही है। यह अचानक हुआ इसलिए लग रहा है क्योंकि संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस इस पर अपनै स्टैंड स्पष्ट करने से बच रही थी। कांग्रेस के नेता इस बात से खुश थे कि जंतर मंतर…

केजरीवाल, पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता

September 13, 2026

भारत में राजनीति को जाति के स्टीरियोटाइप में देखा जाता है। जब भी किसी पार्टी के संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा होती है तो देखा जाता है कि उसमें जातीय समीकरण का कितना ध्यान रखा गया है। ऐसे की सरकार के मंत्रियों के चयन में भी सामाजिक, क्षेत्रीय संतुलन की बात होती है। हर जाति…

टकराव की राजनीति बढ़ा रहे हैं केजरीवाल

September 13, 2026

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दिनों पूरी तरह से पंजाब की राजनीति में लगे हैं। वे रैलियां और चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं और साथ साथ टिकट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में भी लगे हैं। राघव चड्ढा और उनसे भी ज्यादा संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने के बाद केजरीवाल पर…

धीरेंद्र शास्त्री ने भाजपा का नुकसान कर दिया

September 13, 2026

पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद बड़े धूमधड़ाके से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बंगाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार थी तो उनको राज्य में नहीं आने दिया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार बदल गई है और लोगों का मन बदलना चाहिए। सोचें, बंगाल में लोगों…

आर्थिक विकासः इतने बंटे हुए क्यों हैं अहसास!

September 13, 2026

लोग यह पूछने लगे हैं कि अगर तेज गति से आर्थिक वृद्धि दर्ज हो रही है, तो वह आम जिंदगी में महसूस क्यों नहीं हो रही है? आंकड़ों की साख का सवाल तो पुराना है, मगर ताजा बहस के क्रम में आम तजुर्बे के खिलाफ आए आंकड़ों पर सरल, लेकिन कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाए…

logo