खामेनेई की अंतिम विदाई में लाखों लोग शामिल

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नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को आखिरी विदाई के कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को लाखों लोग तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में जुटे। शिया परंपरा के मुताबिक काले कपड़े पहने लोग छाती पीटकर मातम मनाते दिखे। इस दौरान लोगों ने ‘खून बहेगा’, ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘बदला, बदला’ जैसे नारे भी लगाए। ईरान के अधिकारियों ने भी कहा कि खामेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा।

गौरतलब है कि राजधानी तेहरान में तीन जुलाई से खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में शुरू हो गई हैं, जो नौ जुलाई तक चलेगी। पहले दिन यानी शुक्रवार को कार्यक्रम में एक सौ से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत ने बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा को भेजा है। रूस, चीन और तुर्किए के टॉप लीडर्स ने भी इससे दूरी बरती। ईरान की तरफ से न्योता भेजे जाने के बावजूद इन्होंने अपने निचले स्तर के प्रतिनिधियों को भेजा।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान को एक हफ्ते की छुट्टी दी है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मानवता के नाते ऐसा किया है। कार्यक्रम खत्म होने के तुरंत बाद ईरान को अमेरिकी शर्तें माननी होंगी। गौरतलब है कि अंतिम संस्कार के कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले कतर में दोनों देशों के बीच दूसरे चरण की वार्ता हुई।

बहरहाल, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ लगभग पूरी कैबिनेट लेकर तेहरान पहुंचे। सोशल मीडिया पर शहबाज शरीफ ने लिखा कि खामेनेई की बुद्धिमत्ता, नेतृत्व और ईरान के साथ पूरे क्षेत्र पर उनके गहरे प्रभाव को आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। इस बीच ईरान के खुफिया मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए खामेनेई और दूसरे लोगों की मौत का बदला लिया जाएगा।


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