आखिरकार चंपत राय विदा हुए

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लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कर्ताधर्ता और महासचिव चंपत राय ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पिछले करीब 20 दिन से चंपत राय के कामकाज पर सवाल उठ रहे थे। एक दिन पहले गुरुवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ही चंपत राय के इस्तीफे के कयास लगाए जा रहे थे।

चंपत राय के साथ साथ विवादों में घिरे ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है। अनिल मिश्रा और गोपाल राव के भी कई करीबी एक दिन पहले गिरफ्तार हुए हैं। गौरतलब है कि चंपत राय के पास पूरे मंदिर की जिम्मेदारी थी। राय के बाद ट्रस्टी अनिल और गोपाल राव की मंदिर व्यवस्था में बड़ी भूमिका थी।

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर गए थे। उस वक्त चंपत राय को उनके दौरे से दूर रखा गया था, तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें हटाया जा सकता है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे और गोपाल राव को हटाए जाने के बाद बताया जा रहा है कि अब ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा। कहा जा रहा है कि किसी रिटायर आईएएस अधिकारी या किसी रिटायर जज को ट्रस्ट का सीईओ बनाया जा सकता है।

गौरतलब है कि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव सहित किसी ट्रस्टी या किसी बड़े पदाधिकारी का नाम नहीं है। इस एफआईआर के बाद गुरुवार देर रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। सोमवार को उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा और तब पुलिस उनको रिमांड पर लेगी।

बताया गया है कि इन आरोपियों से करीब 80 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि चोरी का मामला पहली बार सात जून को सामने आया। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी बनाई, जिसने 23 जून को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके दो दिन बाद कार्रवाई हुई और मंदिर से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में टिन्नू यादव के अलावा उसके भतीजे मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। अनुकल्प और लवकुश अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं।


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