पीएम मोदी ने अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत

Categorized as समाचार

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर बनी समझ का स्वागत किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस कदम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “मैं अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए बनी समझ का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ और कई देशों में लोगों की जान गई है।

बयान में पीएम ने शांति की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा नई समझ के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद है। साथ ही यह समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और वैश्विक व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा।

भारत के प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्षों के बीच शेष मुद्दों पर होने वाली बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी और अंततः एक स्थायी तथा व्यापक समझौते तक पहुंचा जाएगा।

रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर समझौते तक पहुंचने का ऐलान किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने पोस्ट में कहा इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई!

Also Read : टीवी अभिनेत्री संचिता उगले ने की आत्महत्या

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात कही थी। उन्होंने लिखा, ‘दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।’ ईरान ने भी एमओयू को अंतिम रूप दिए जाने पर बयान जारी किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे महीनों की लड़ाई के बाद एक बड़ी कामयाबी बताया। इसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर काफी बुरा असर पड़ा और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का डर पैदा कर दिया था।

एक दूसरे पोस्ट में, ट्रंप ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक कामयाबी बताया। उन्होंने लिखा यह महान समझौता पूरे इलाके में शांति और सुरक्षा लाएगी। कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति बनाने की कोशिश की और मेरे सामने सभी विफल हो गए। इलाके के नेताओं को पहली बार ऐसा राष्ट्रपति मिला है जो उन्हें असली शांति पाने में मदद कर सकता है। शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए स्ट्रेट को खोले जाने के बाद, क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए दोनों दिशाओं में फिर से तेल का प्रवाह शुरू हो जाएगा!

इस ऐलान के बाद से ही दुनिया ने राहत की सांस ली है। देश-दुनिया के नेताओं ने इसका स्वागत किया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ एक संयुक्त बयान में, पीएम अल्बनीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस बात से खुश है कि इस समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और नेविगेशन की आजादी को बहाल करने की दिशा में कदम शामिल हैं।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

स्वराज्य प्राप्ति में गणपति उत्सव का योगदान

September 14, 2026

युगों युगों से गणेश उत्सव का आयोजन होता आ रहा है। उत्सव के प्रमाण हमें सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है। गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी। मराठा शासकों के दौर से उत्सव के इस क्रम को जारी…

logo