ज्ञानेश कुमार को हटाने का नया नोटिस

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नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के विपक्ष के नोटिस को रद्द कर दिया था। लेकिन विपक्ष हार मानने को तैयार नहीं है। विपक्षी पार्टियों की ओर से ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नया नोटिस दिया गया है। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में यह नोटिस दिया। इस पर 73 सांसदों ने दस्तखत किए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर साबित दुर्व्यवहार के आधार पर नौ आरोप हैं।

जयराम रमेश ने ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने को संविधान पर हमला बताया। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों ने अभी अभी महासचिव को एक नया प्रस्ताव नोटिस सौंपा है’। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने की अपील की गई है।

जयराम रमेश ने बताया है कि विपक्ष का नोटिस किस आधार पर दिया गया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “इसका आधार ‘साबित दुर्व्यवहार’ है, जिसमें 15 मार्च 2026 को और उसके बाद किए गए कार्य और चूक शामिल हैं। यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5) (अनुच्छेद 124(4) के साथ पढ़ा जाए”। रमेश ने लिखा, ‘अब सीईसी के खिलाफ नौ खास आरोप हैं, जिन्हें बहुत विस्तार से दस्तावेजों में दर्ज किया गया है और जिन्हें नकारा या छिपाया नहीं जा सकता। उनका पद पर बने रहना संविधान पर हमला है। यह बेहद शर्मनाक है कि यह व्यक्ति अभी भी अपने पद पर बना हुआ है और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री के इशारों पर काम कर रहा है’।

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद और प्रवक्ता डेरेक ओ’ब्रायन ने सोमवार को कहा था कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अतिरिक्त आरोपों के साथ एक नया महाभियोग प्रस्ताव लाएगा। कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए ओ’ब्रायन ने कहा था, ’19 राजनीतिक पार्टियों और करीब तीन सौ सांसदों ने पहले सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था। आने वाले दिनों में, अतिरिक्त आरोपों के साथ एक नया महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा’।


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