नई दिल्ली। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर और पश्चिम बंगाल की पहले चरण की 152 सीटों पर गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। इन सीटों पर मंगलवार की शाम पांच बजे प्रचार थम गया था। पश्चिम बंगाल की बची हुई 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। बुधवार को 152 सीटों पर प्रचार नहीं हो रहा था लेकिन भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने बाकी सीटों के लिए धुआंधार प्रचार किया। दोनों राज्यों में शांतिपूर्ण और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
बहरहाल, तमिलनाडु की 234 साटों के लिए 4,023 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। तमिलनाडु चुनाव में मुख्य मुकाबला एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएमके और ई पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्ना डीएमके गठबंधन के बीच है। अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके की वजह से कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला बन गया है। इस बार राज्य में 5.73 करोड़ से कुछ अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया था।
उधर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा। इनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन व जंगलमहल के पांच जिले शामिल हैं। पहले चरण में कुल 1,478 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदाताओं की कुल संख्या तीन करोड़ 60 लाख से कुछ ज्यादा है। इनमें एक करोड़ 85 लाख पुरुष और एक करोड़ 76 लाख के करीब महिलाएं हैं।
