ट्रंप की धमकी : ईरान सहयोग करे या न करे, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा

Categorized as समाचार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि शनिवार को पाकिस्तान में ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अहम वैश्विक तेल मार्ग बहुत जल्द और अपने आप खुल जाएगा, चाहे ईरान सहयोग करे या नहीं। 

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा यह अपने आप खुल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि यह रास्ता “जल्द ही” खुल जाएगा।

उन्होंने कहा मुझे लगता है यह काम तेजी से होगा। और अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम इसे किसी न किसी तरीके से पूरा कर लेंगे।” खबरों के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच एक महीने से ज्यादा चले युद्ध के दौरान ईरान ने इस जलमार्ग को बंद कर दिया था।

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में उनका सबसे बड़ा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि तेहरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने कहा परमाणु हथियार नहीं होंगे। बस यही 99 प्रतिशत मुद्दा है।

Also Read : भाजपा को सत्ता में लाओ, हम सिंडिकेट चलाने वालों को उल्टा लटका देंगे: अमित शाह

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के पास फिलहाल कोई मजबूत विकल्प नहीं है और वह सिर्फ होरमुज़ स्ट्रेट का इस्तेमाल कर दुनिया पर थोड़े समय के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

उधर, ईरान ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है। ईरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल बार-बार अपने वादे तोड़ते रहे हैं, इसलिए वह सतर्क है।

ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “ईरानियों को शायद यह एहसास नहीं है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया से थोड़े समय के लिए ज़बरदस्ती वसूली करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।” उन्होंने आगे लिखा, “आज वे सिर्फ इसलिए ज़िंदा हैं ताकि बातचीत कर सकें!

इससे पहले शुक्रवार को, ट्रंप ने ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ को दिए एक फ़ोन इंटरव्यू में बताया कि ईरान के साथ बातचीत के नतीजे “लगभग 24 घंटों में” साफ हो जाएंगे। उन्होंने धमकी दी कि अगर पाकिस्तान में शांति वार्ता विफल हो जाती है, तो ईरान पर फिर से हमले शुरू करने के लिए अमेरिकी युद्धपोतों को फिर से हथियारों से लैस किया जा रहा है।

इस युद्ध में अमेरिका, ईरान और इजरायल तीनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल जो युद्धविराम हुआ है, वह बहुत कमजोर है और दोनों पक्षों के बीच पुराने मतभेदों के कारण स्थायी शांति समझौता करना आसान नहीं होगा।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

विपक्ष कैसे रोक देता है सरकार को?

April 23, 2026

सरकार अपने जिस एजेंडे को लागू करने में किसी भी कारण से विफल हो जाती है उसके बारे में कहा जाता है कि विपक्ष ने और खास कर कांग्रेस ने नहीं करने दिया। दूसरी प्रादेशिक पार्टियों पर भी ठीकरा फोड़ा जाता है। हैरानी की बात है कि सरकार इतनी शक्तिशाली है, जिसने तमाम विवादित मुद्दों…

बिहार में कांग्रेस की मुश्किल

April 23, 2026

बिहार में कांग्रेस पार्टी के छह विधायक जीते थे। चुनाव नतीजों के कुछ दिन बाद राहुल गांधी ने सभी विधायकों को दिल्ली बुला कर एक बैठक की थी और कहा गया था कि जल्दी ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा। लेकिन पांच महीने बाद भी कांग्रेस ने विधायक दल का नेता नहीं चुना है।…

ममता को बाहरी वोट की चिंता क्यों?

April 23, 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी इस बार परेशान बताई जा रही हैं। लेकिन कोलकाता के जानकार लोगों के कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। हर चुनाव में वे परेशान होती हैं लेकिन अंत में जीत उनकी होती है। अब पता नहीं चार मई को नतीजा क्या…

स्टालिन को सहयोगियों से मदद नहीं

April 23, 2026

तमिलनाडु में एमके स्टालिन और उनकी पार्टी डीएमके सबसे ज्यादा भरोसे में है। पार्टी जीत के प्रति आश्वस्त है। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि को यह अंदाजा है कि इस बार पहले जितनी सीटें नहीं आ रही हैं। पिछली बार डीएमके ने 133 सीट अकेले जीती थी। उसने…

चेतना संचार और पतितपावनी गंगा

April 23, 2026

वैशाख शुक्ल सप्तमी, जिसे गंगा सप्तमी या जह्नु सप्तमी कहा जाता है, गंगा के दूसरे जन्म का प्रतीक पर्व है। कथा के अनुसार जब गंगा ने ऋषि जह्नु के यज्ञ स्थल को जलमग्न कर दिया, तो उन्होंने क्रोध में गंगा को पी लिया और बाद में अपने कान से उन्हें पुनः बाहर निकाला। यह प्रसंग…

logo