पाकिस्तान में बातचीत से पहले ईरानी स्पीकर ने मिनाब हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

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पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए ईरानी डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंच चुका है। ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद गालिबफ को इस्लामाबाद ले जा रहे विमान की तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें विमान की सीटों पर रखी गई। इन तस्वीरों के साथ बच्चों के स्कूल बैग और गुलाब के फूल भी रखे गए थे। यह एक भावुक तस्वीर है जो उन बच्चों को श्रद्धांजलि दे रही है। 

इस्लामाबाद जाने के दौरान गालिबफ ने इस तस्वीर के जरिए एक मैसेज दिया। एयरक्राफ्ट के अंदर, कई खाली सीटों पर मिनाब स्कूल स्ट्राइक के पीड़ितों की फोटो और निजी सामान रखे थे। ईरानी अधिकारी के अनुसार, ये बच्चे अमेरिका-इजरायली हमले में मारे गए थे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए गालिबफ ने लिखा मिनाब 168, इस विमान में मेरे साथी।” उन्होंने 28 फरवरी, 2026 को मिनाब के एक एलिमेंट्री स्कूल पर हुए स्ट्राइक में अपनी जान गंवाने वाले बच्चों और स्टाफ के इस सफर के लिए अपना साथी बताया।

इस घटना में कथित तौर पर कम से कम 165 मौतें हुईं और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए। वहीं पाकिस्तान में उच्च स्तरीय बातचीत से पहले ईरान ने अपने पक्ष को मजबूत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मैसेज दिया है।

तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस्लामाबाद पहुंचने पर, गालिबफ ने सावधानी भरा रुख अपनाया और कहा कि ईरान अच्छे इरादों के साथ लेकिन भरोसे के बिना बातचीत में शामिल हो रहा है।

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गालिबफ ने कहा कि बातचीत के पिछले राउंड लगातार पक्के नतीजे देने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा बदकिस्मती से, अमेरिकियों के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा नाकामी और कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन वाला रहा है। पहले की बातचीत के दौरान भी, ईरान को ऐसे कामों का सामना करना पड़ा था जिन्हें वह पहले की समझ का उल्लंघन मानता है।

तेहरान की स्थिति बताते हुए, गालिबफ ने जोर दिया कि कोई भी समझौता अमेरिका के नजरिए पर निर्भर करेगा।

उन्होंने कहा आने वाली बातचीत में, अगर अमेरिकी पक्ष एक असली समझौता करने और ईरानी लोगों के अधिकार देने के लिए तैयार है, तो वे समझौता करने के लिए हमारी तैयारी भी देखेंगे।

उन्होंने डिप्लोमैटिक कोशिशों में बेईमानी के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा कि अगर बातचीत का इस्तेमाल बिना किसी असली इरादे वाले कामों को छिपाने के लिए किया गया तो ईरान इसका कड़ा जवाब देगा।

अमेरिका की तरफ से, जेडी. वेंस ने इस्लामाबाद जाने से पहले बातचीत के लिए खुलेपन का इशारा दिया, बशर्ते यह अच्छी नीयत से की जाए।

उन्होंने कहा अगर ईरानी अच्छी नीयत से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम भी खुले हाथ बढ़ाने को तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी अगर वे हमारे साथ खेलने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि बातचीत करने वाली टीम उतनी तैयार नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर इस स्थिति पर टिप्पणी की। ट्रंप ने यह इशारा करते हुए कि ईरान बातचीत से पहले अपनी ताकत को ज्यादा आंक रहा है और होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे तनाव को बड़े भू-राजनीतिक संदर्भ का हिस्सा बताया।

Pic Credit : ANI


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