भाकपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की

Categorized as समाचार

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(भाकपा) के राज्यसभा सदस्य पी. संदोष कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

श्री संदोष कुमार ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इन आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता जोड़ने-हटाने और फॉर्म-6 और मतदाता सूची के आंकड़ों से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 मौकों पर आपत्तियां दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि मसौदा मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की रिपोर्ट इन सवालों को और गंभीर बनाती है।

Also Read : भाजपा संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके फैसलों में सभी चुनाव आयुक्तों की संस्थागत भूमिका और स्वतंत्रता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा, गलत तरीके से बाहर किये गये पात्र मतदाताओं को नाम बहाल कराने का वास्तविक अवसर देने और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

Pic Credit : UNI


Previous News Next News

More News

तो कैबिनेट सचिव किसके अधीन?

September 24, 2026

मुख्य चुनाव आय़ुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानियों को लेकर 14 बार सवाल उठाने और आपत्ति जताने के अलावा दोनों चुनाव आय़ुक्तों एसएस संधु और विवेक जोशी ने अपनी शिकायत देश के सबसे बड़े नौकरशाह यानी कैबिनेट सचिव तक भी पहुंचाई। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम एक मौके पर दोनों आयुक्तों ने…

युवा मतदाताओं को प्रताडित करने के बदलाव?

September 24, 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानियों की जो शिकायत दोनों चुनाव आयुक्तों एसएस संधु और विवेक जोशी ने की है उसमें एक बड़ी शिकायत पहली बार के यानी युवा मतदाताओं को लेकर है। दोनों चुनाव आयुक्तों ने पहली बार नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म छह के प्रारूप में किए गए बदलाव…

‘इंडियन एक्सप्रेस’ का क्या मकसद?

September 24, 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। उनसे पहले के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार भी सवालों के घेरे में थे। लेकिन ज्ञानेश कुमार की ज्यादा बदनामी हुई। तभी इस समय उनके बारे में इतने विस्तार से रिपोर्ट के प्रकाशन का क्या मकसद हो सकता है? गौरतलब…

दिल्ली में मात्र नोटिस जबकि बंगाल में सीधे नाम कटे!

September 24, 2026

राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के पहले चरण के बाद मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित हो गई है। दिल्ली में 33 फीसदी के करीब लोगों के नाम काट दिए गए हैं। सोचें, पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाता थे लेकिन अब जो मसौदा सूची प्रकाशित…

नई सूची रद्द हो

September 24, 2026

जिस प्रक्रिया से 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, उस पर तीन में से दो निर्वाचन आयुक्तों का भी भरोसा नहीं रहा, तो नई मतदाता सूची की क्या विश्वसनीयता होगी? मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) को जिस तरह आगे बढ़ाया गया, उस पर निर्वाचन आयोग के भीतर गहरे…

logo